Haryana Rabi Krishi Mela 2026: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि बदलती जलवायु परिस्थितियों और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रदेश में ऐसी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना जरूरी है, जिनमें कम पानी और कम संसाधनों के इस्तेमाल से अधिक उत्पादन हासिल किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत कपास उत्पादन, फसल विविधीकरण और जल संसाधनों का संरक्षण सिर्फ आज की खेती की जरूरत नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित कृषि व्यवस्था का रोडमैप भी है।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: हिसार में रबी कृषि मेले का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में आयोजित दो दिवसीय कृषि मेला रबी का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कृषि प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और विभिन्न स्टॉलों पर किसानों के लिए प्रदर्शित आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, कृषि यंत्रों और अन्य कृषि उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कृषि मेला किसानों और वैज्ञानिकों के बीच ज्ञान और तकनीक के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच है।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: कपास चुगाई मशीन से कम समय में होगा काम
मुख्यमंत्री ने मेले में प्रदर्शित कपास चुगाई की मशीन का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह मशीन एक घंटे में करीब एक एकड़ कपास की चुगाई कर सकती है और हाथ से कपास चुगाई की तुलना में इसमें समय भी कम लगता है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार कपास चुगाई और गन्ना छिलाई जैसी मशीनों तथा दूसरी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। इसका उद्देश्य श्रमिकों की कमी के कारण कपास और गन्ने के बुवाई क्षेत्र में कमी को रोकना है।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: कपास को हरियाणा में कहा जाता है सफेद सोना
मुख्यमंत्री ने कहा कि कपास हरियाणा की महत्वपूर्ण नकदी फसलों में शामिल है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और आसपास के क्षेत्रों में लाखों किसान परिवारों की आजीविका कपास की खेती से जुड़ी हुई है। इसी वजह से कपास को प्रदेश में ‘सफेद सोना’ भी कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और सिरसा स्थित कपास अनुसंधान केंद्र ने नई किस्मों, बेहतर बीज और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया है। हालांकि बदलते मौसम और कीटों के कारण कपास की खेती के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी हो रही हैं।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: 257 कपास किसान खेत पाठशालाओं से किसानों को प्रशिक्षण
नायब सिंह सैनी ने बताया कि कपास की खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और कीट प्रबंधन की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए 257 कपास किसान खेत पाठशालाएं आयोजित की गई हैं। इनमें 7 हजार से अधिक किसानों को कपास की बिजाई से लेकर चुगाई तक हानिकारक कीटों की पहचान और उनके बेहतर प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई।
इसके अलावा 167 किसान मेलों के माध्यम से किसानों को कम लागत में कपास का उत्पादन बढ़ाकर अधिक मुनाफा हासिल करने के उपायों की जानकारी दी गई।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: फसल विविधीकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कृषि मेले की थीम के दूसरे महत्वपूर्ण पहलू फसल विविधीकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पानी है तो खेती है, गांव है और जीवन है। हरियाणा ने देश की खाद्य सुरक्षा में बड़ा योगदान दिया है, लेकिन इसके साथ भूजल संरक्षण पर ध्यान देना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि लगातार एक ही प्रकार की फसल उगाने से मिट्टी की सेहत प्रभावित होती है। पारंपरिक गेहूं और धान की खेती में पानी की खपत अधिक होती है। ऐसे में दलहन, तिलहन और कम पानी में उगाई जाने वाली फसलों को बढ़ावा देने की जरूरत है।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: मेरा पानी-मेरी विरासत योजना से किसानों को सहायता
नायब सिंह सैनी ने बताया कि कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना लागू की है। इस योजना के तहत वैकल्पिक फसल लेने या खेत खाली छोड़ने वाले किसानों को 8 हजार रुपये प्रति एकड़ वित्तीय सहायता दी जाती है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक अब तक 2 लाख 34 हजार एकड़ क्षेत्र में धान की जगह वैकल्पिक फसलें बोने पर 1 लाख 59 हजार किसानों को कुल 166 करोड़ 34 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: माइक्रो इरिगेशन पर 85 फीसदी तक सब्सिडी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य कम पानी में अधिक सिंचाई करना है। इसके लिए वर्षा जल संचयन, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो इरिगेशन तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि माइक्रो इरिगेशन तकनीकों पर किसानों को 85 फीसदी तक सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा किसानों को तालाब बनाने के लिए भी 85 फीसदी तक अनुदान दिया जा रहा है।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: सीवेज के शोधित पानी से सिंचाई को बढ़ावा
नायब सिंह सैनी ने बताया कि पानी की बचत के साथ-साथ इसके दोबारा इस्तेमाल पर भी सरकार काम कर रही है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से शोधित पानी को सिंचाई में इस्तेमाल करने के लिए 27 योजनाएं तैयार की गई हैं, जिनमें से 20 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार इन योजनाओं से सिंचाई के लिए स्थायी जल स्रोत उपलब्ध होगा, नहरों पर दबाव कम होगा और भूजल के दोहन को भी घटाने में मदद मिलेगी।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: 1 करोड़ 6 लाख सॉयल हेल्थ कार्ड जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल सुरक्षा के साथ मिट्टी की सेहत की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है। प्रदेश में किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच के बाद अब तक 1 करोड़ 6 लाख सॉयल हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि मिट्टी और पानी के नमूनों की जांच के लिए प्रदेश में 17 नई मृदा एवं जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न मंडियों में 54 नई लघु मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं खोली गई हैं।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: स्कूल-कॉलेजों में भी मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं
कृषि क्षेत्र में मिट्टी की जांच को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में भी 240 लघु मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने ‘हर खेत-स्वस्थ खेत’ पोर्टल भी लॉन्च किया है।
इस पोर्टल पर पंजीकरण कर किसान अपने खेत की मिट्टी की जांच करा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन, सेंसर तकनीक, मौसम की डिजिटल जानकारी, सटीक खेती और कृषि स्टार्टअप अब आधुनिक खेती का हिस्सा बन रहे हैं।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: बीज से बाजार तक किसानों के साथ सरकार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ बीज से बाजार तक खड़ी है और किसान हित में कई फैसले लिए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक हरियाणा में किसानों की सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को 23 किस्तों में 7,881 करोड़ 60 लाख रुपये दिए जा चुके हैं।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: 12 सीजन में किसानों के खातों में पहुंचे 1.85 लाख करोड़
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 सीजन में फसल खरीद के तहत 12 लाख किसानों के खातों में 1 लाख 85 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। वहीं पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 16,160 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उत्पादन से लेकर फसल बिक्री तक विभिन्न स्तरों पर सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: प्राकृतिक खेती के लिए करीब 2 लाख किसानों ने कराया पंजीकरण
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने एक पोर्टल शुरू किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक इस पोर्टल पर करीब 2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण कराया है।
इनमें से अब तक 44 हजार एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए 23,930 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है। प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण के लिए कुरुक्षेत्र-गुरुकुल, जींद-हमेटी, सिरसा-मंगियाना और करनाल-घरौंडा में प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए हैं।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: 12 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती की ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अब तक 12,188 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हैफेड के माध्यम से प्राकृतिक तरीके से तैयार की गई फसलों की खरीद भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि पुरखों से मिली प्राकृतिक संसाधनों की ताकत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने की जरूरत है।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: देसी गाय पर सब्सिडी बढ़ाकर 30 हजार रुपये
नायब सिंह सैनी ने बताया कि वर्ष 2025 से एक एकड़ तक भूमि वाले किसानों को देसी गाय पर मिलने वाली सब्सिडी बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी गई है।
इसके अलावा कच्चे माल के भंडारण और प्रसंस्करण के लिए चार ड्रम खरीदने पर प्रत्येक किसान को 3 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: 2 हजार एकड़ में स्मार्ट एग्रीकल्चर के तहत प्राकृतिक खेती
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से कुरुक्षेत्र जिले में 2 हजार एकड़ के क्लस्टर में ‘स्मार्ट एग्रीकल्चर’ के नाम से प्राकृतिक खेती शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना में यदि किसानों को किसी प्रकार का नुकसान होता है तो उसकी भरपाई हरियाणा सरकार करेगी। इसका उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: पीएम कुसुम योजना से 1.95 लाख से ज्यादा सोलर पंप
मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए 75 फीसदी तक अनुदान दिया जा रहा है। अब तक प्रदेश में 1 लाख 95 हजार 653 सोलर पंप स्थापित किए जा चुके हैं।
सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई को बढ़ावा देने से किसानों की सिंचाई लागत और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने की दिशा में मदद मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: फसल अवशेष प्रबंधन पर 1,017 करोड़ रुपये की सब्सिडी
फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि अकेले किसानों को 50 फीसदी अनुदान पर 1 लाख 11 हजार फसल अवशेष प्रबंधन उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं कस्टम हायरिंग सेंटर पर 80 फीसदी सब्सिडी देकर 6,794 सेंटर स्थापित किए गए हैं।
इन योजनाओं के तहत अब तक 1,017 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। पराली के उचित प्रबंधन और गांठ बनाने के लिए 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार 10 लाख किसानों को 909 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है।
Haryana Rabi Krishi Mela 2026: बागवानी किसानों को भावांतर योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि सब्जियों और फलों के लिए भावांतर भरपाई योजना के तहत 21 बागवानी फसलों के संरक्षित मूल्य निर्धारित किए गए हैं। अब तक 46 हजार किसानों को 247 करोड़ रुपये का भावांतर दिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि उपकरणों को बढ़ावा देकर किसानों की आय और खेती की स्थिरता से जुड़े प्रयास किए जा रहे हैं। हिसार में आयोजित रबी कृषि मेला इसी दिशा में किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच संवाद और तकनीक के आदान-प्रदान का मंच बना।
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