Khargone Lokayukta Trap में इंदौर लोकायुक्त टीम ने खरगोन में कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। आरोप है कि कृषि भूमि के नामांतरण के एवज में शिकायतकर्ता से 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया।
लोकायुक्त की यह कार्रवाई बीती देर रात शारदा हॉस्पिटल के सामने पाटीदार मेडिकल के पास की गई। कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई।
Khargone Lokayukta Trap: नामांतरण के लिए मांगी गई थी 2 लाख की रिश्वत
Khargone Lokayukta Trap मामले में शिकायतकर्ता पुनीत नाडीवाल निवासी बड़ी कसरावद ने लोकायुक्त से शिकायत की थी। शिकायत के मुताबिक, उनकी पत्नी की कृषि भूमि के नामांतरण के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कुल 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने पहले आरोपों का सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने के बाद टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते पकड़ने की योजना बनाई।
Khargone Lokayukta Trap: 20 हजार रुपए लेते पटवारी रंगे हाथ पकड़ा
Khargone Lokayukta Trap के तहत लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पटवारी खुम सिंह धारवे को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के लिए टीम ने शारदा हॉस्पिटल के सामने पाटीदार मेडिकल के पास ट्रैप लगाया था।
जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय रकम आरोपी को दी, लोकायुक्त टीम ने मौके पर कार्रवाई कर पटवारी को पकड़ लिया। इसके बाद टीम ने रिश्वत की रकम बरामद करने समेत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
Khargone Lokayukta Trap: तहसीलदार और दूसरे पटवारी का नाम भी सामने आया
Khargone Lokayukta Trap मामले में तहसीलदार अंतरसिंह कनेश और पटवारी कुलदीप यादव के नाम भी सामने आए हैं। लोकायुक्त ने मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
मामले में आगे की कार्रवाई के तहत लोकायुक्त टीम रिश्वत की मांग और नामांतरण से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Khargone Lokayukta Trap: राजस्व विभाग में मचा हड़कंप
Khargone Lokayukta Trap की कार्रवाई के बाद खरगोन के राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया। नामांतरण जैसे राजस्व कार्य के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत पर लोकायुक्त की कार्रवाई से विभागीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।
लोकायुक्त टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्रकरण की जांच जारी है।
Khargone Lokayukta Trap: शिकायत के सत्यापन के बाद हुई कार्रवाई
Khargone Lokayukta Trap में लोकायुक्त टीम ने सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले शिकायत का सत्यापन किया था। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। इसके बाद 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पटवारी को पकड़ा गया।
लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद अब मामले में यह जांच की जा रही है कि नामांतरण की प्रक्रिया में किन-किन स्तरों पर रिश्वत की मांग की गई और इसमें अन्य आरोपियों की क्या भूमिका थी।


