Nuclear Power: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने देश की ऊर्जा जरूरतों और Energy Security को लेकर सरकार की रणनीति सामने रखी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को आने वाले वर्षों में बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी और ऊर्जा सुरक्षा भविष्य की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
पीएम मोदी ने परमाणु ऊर्जा को देश की ऊर्जा सुरक्षा का अहम आधार बताते हुए न्यूक्लियर पावर क्षमता बढ़ाने की दिशा में कई अहम लक्ष्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत आने वाले वर्षों में 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।
Nuclear Power: 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में नई परियोजनाओं और तकनीकी क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
Addressing the nation on the 80th Independence Day, PM Modi says, "Energy security is the demand of the time. We are moving forward with the aim of 100 gigawatts of nuclear power by 2047. We aim to start five new nuclear reactors in this decade." pic.twitter.com/MdAy1t3ZMr
— ANI (@ANI) August 15, 2026
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ऊर्जा की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है। उद्योग, परिवहन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और घरेलू जरूरतों के बढ़ने के साथ आने वाले समय में बिजली की मांग भी बढ़ेगी। ऐसे में परमाणु ऊर्जा को ऊर्जा मिश्रण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
Nuclear Power: 5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की तैयारी
पीएम मोदी ने बताया कि इस दशक में 5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता में और विस्तार होगा।
भारत पहले से ही कई परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के जरिए बिजली उत्पादन कर रहा है। नई परियोजनाओं के जरिए परमाणु ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ाने की योजना देश की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है।
Nuclear Power: भारत के पास अभी कितने न्यूक्लियर रिएक्टर
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत में वर्तमान में 24 सक्रिय परमाणु ऊर्जा रिएक्टर हैं। इनकी कुल स्थापित क्षमता करीब 8.78 गीगावाट यानी 8,780 मेगावाट बताई जाती है।
यदि प्रस्तावित 5 नए रिएक्टर शुरू होते हैं, तो भारत में परमाणु ऊर्जा रिएक्टरों की संख्या बढ़कर 29 हो सकती है। हालांकि रिएक्टरों की संख्या बढ़ना और कुल परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ना अलग-अलग विषय हैं, क्योंकि प्रत्येक रिएक्टर की क्षमता समान नहीं होती।
Nuclear Power: परमाणु ऊर्जा में पाकिस्तान से भारत कितना आगे
परमाणु ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भारत की क्षमता पाकिस्तान से काफी अधिक है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान के पास करीब 6 सक्रिय न्यूक्लियर पावर रिएक्टर हैं।
भारत के 24 सक्रिय रिएक्टरों की तुलना में यह संख्या काफी कम है। भारत द्वारा 5 और रिएक्टर शुरू करने की योजना पूरी होने पर दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता का अंतर और बढ़ सकता है। हालांकि भारत की परमाणु ऊर्जा नीति का मुख्य उद्देश्य देश की बढ़ती बिजली जरूरतों और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
Fast Breeder Technology में भारत की बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में Fast Breeder Nuclear Technology का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत ने इस क्षेत्र में महारत हासिल करके एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया है।
फास्ट ब्रीडर तकनीक को भारत के दीर्घकालिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके जरिए परमाणु ईंधन संसाधनों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करने और भविष्य में ऊर्जा उत्पादन की क्षमता बढ़ाने की दिशा में मदद मिल सकती है।
Nuclear Power: परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता पर जोर
पीएम मोदी ने परमाणु ऊर्जा के साथ-साथ परमाणु ईंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि ऊर्जा सुरक्षा केवल बिजली उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ईंधन और तकनीक के स्तर पर देश की अपनी क्षमता मजबूत होना भी जरूरी है।
सरकार का लक्ष्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में घरेलू तकनीक, अनुसंधान और उत्पादन क्षमता को बढ़ाना है, ताकि भविष्य में भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को अधिक मजबूती से पूरा कर सके।
Nuclear Power: ऊर्जा सुरक्षा को विकसित भारत से जोड़ा
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि देश की विकास यात्रा को लगातार और पर्याप्त ऊर्जा की जरूरत होगी। उद्योगों से लेकर शहरों, डिजिटल सेवाओं और आम नागरिकों तक बिजली की मांग आने वाले वर्षों में बढ़ने की संभावना है।
ऐसे में परमाणु ऊर्जा को स्वच्छ और भरोसेमंद बिजली के स्रोतों में एक महत्वपूर्ण विकल्प के तौर पर आगे बढ़ाने पर सरकार का जोर है।
Nuclear Power: 2047 तक विकसित भारत का संकल्प
स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में पीएम मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के संकल्प को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश जब विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तय करता है तो यह देश की क्षमता और आत्मविश्वास को दर्शाता है।
परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य भी इसी व्यापक विकास रणनीति का हिस्सा है। 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य, नए रिएक्टरों की स्थापना और परमाणु तकनीक में आत्मनिर्भरता की कोशिशें आने वाले वर्षों में भारत की ऊर्जा नीति को नई दिशा दे सकती हैं।
Nuclear Power: भारत की न्यूक्लियर एनर्जी रणनीति क्यों अहम
भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ बिजली की मांग में भी लगातार वृद्धि की जरूरत है। ऐसे में ऊर्जा के अलग-अलग स्रोतों के साथ परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाना सरकार की दीर्घकालिक रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य और नए रिएक्टरों की योजना इस बात का संकेत है कि भारत आने वाले दशकों में अपनी Energy Security को मजबूत करने के लिए न्यूक्लियर पावर पर बड़ा दांव लगा रहा है।
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