Report: Vandna Rawat
Farmer Welfare Scheme मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के संचालक मंडल की 172वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक किसानों के मेधावी बच्चों को इसका लाभ दिया जाए। साथ ही किसानों के कल्याण और कृषि विपणन व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
Farmer Welfare Scheme: मंडियों का होगा आधुनिकीकरण, ई-नाम और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी मंडियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने, पेयजल, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक मंडियों को ई-नाम प्लेटफॉर्म से जोड़ने, पीपीपी मॉडल पर कृषि प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहन देने और राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से किसानों को जोड़ने पर बल दिया। प्रत्येक जिले में ऑर्गेनिक उत्पादों के सर्टिफिकेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
Farmer Welfare Scheme: ₹3025 करोड़ के बजट को मंजूरी, किसान सहायता योजनाओं की अवधि बढ़ी
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए ₹3025.49 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई। मंडी समितियों की आय में 15.79 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए इसे ₹2305.80 करोड़ बताया गया। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना और खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना की अवधि 30 जून 2030 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया, ताकि किसानों और उनके परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिलती रहे।



