प्रमोद श्रीवास्तव, विशेष संवाददाता
WomenEmpowerment : भोपाल, मध्यप्रदेश में स्व सहायता समूहों की महिलाएं अब बदलाव की मजबूत पहचान बन रही हैं। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाना है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से लाखों महिलाओं को समूहों में संगठित कर बैंक ऋण, कौशल प्रशिक्षण, विपणन और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बैंक ऋण, कौशल विकास और बाजार से जोड़ने की पहल के जरिए लाखों महिलाएं रोजगार सृजित कर रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे रही हैं।

WomenEmpowerment : मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकता, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता
प्रदेश की मोहन सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में कई बड़े कदम उठाये जा रहे हैं। इसी क्रम में झाबुआ जिले के थांदला में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं सहायता समूहों को 300 करोड़ रुपये के ऋण वितरित कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य महिला स्व समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देना और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
मध्यप्रदेश में स्व सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की यह पहल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती देगी। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को रोजगार, उद्यमिता, वित्तीय समावेशन से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ाना है। महिलाओं को स्वरोजगार, छोटे उद्योग, कृषि आधारित गतिविधियों और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
WomenEmpowerment : मोहन सरकार का मिशन, महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन
• स्व सहायता समूहों को आसान बैंक ऋण उपलब्ध कराकर छोटे और सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा।
• कृषि, डेयरी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और लघु उद्योगों से महिलाओं को जोड़ने पर जोर।
• कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने का प्रयास।
• स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराने की पहल।
• डिजिटल लेनदेन और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।
• ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर परिवार की आय और जीवन स्तर में सुधार।
• मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का थांदला दौरा, स्व-सहायता समूहों को 300 करोड़ का ऋण वितरण।
• हजारों महिला हितग्राहियों को मिलेगा लाभ, स्वरोजगार और लघु उद्यमों को मिलेगा बढ़ावा।
• ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति, महिलाओं के हाथ मजबूत
• झाबुआ जिले के थांदला में राज्य स्तरीय स्व-सहायता समूहों का क्षमतावर्धन और ऋण वितरण कार्यक्रम
• सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं,
• बल्कि उन्हें स्वरोजगार, उद्यमिता और वित्तीय समृद्धि से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना।



