Mayawati: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भदोही जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय संत रविदास के सम्मान और करोड़ों अनुयायियों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले का पुराना नाम फिर से संत रविदास नगर बहाल करने की घोषणा की थी।
Mayawati: मायावती ने फैसले को बताया स्वागत योग्य
मायावती ने अपने बयान में कहा कि संत रविदास के नाम पर जिले की पहचान बहाल किया जाना एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन लोगों की भावनाओं का सम्मान करता है जो लंबे समय से इस मांग को उठा रहे थे।
बसपा प्रमुख ने कहा कि संत रविदास सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के प्रतीक रहे हैं। ऐसे में उनके नाम से जुड़े जिले की पहचान को पुनर्स्थापित करना स्वागत योग्य निर्णय है।
Mayawati: योगी सरकार ने की नाम बहाली की घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में घोषणा की थी कि भदोही जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही इस निर्णय को लागू करेगी।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा संत रविदास की जयंती से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान की थी और इसे उनकी विरासत के सम्मान से जोड़कर देखा गया।
Mayawati: नाम बदलने का रहा है लंबा राजनीतिक इतिहास
भदोही जिले के नाम को लेकर पिछले कई वर्षों में अलग-अलग सरकारों के दौरान बदलाव होते रहे हैं। बसपा सरकार के कार्यकाल में जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर किया गया था।
बाद में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर जिले का नाम फिर से भदोही कर दिया गया। अब योगी सरकार ने दोबारा संत रविदास नगर नाम बहाल करने का फैसला लिया है, जिससे यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
Mayawati: संत रविदास के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा फैसला
सरकार का कहना है कि यह निर्णय संत रविदास की विरासत और उनके अनुयायियों की भावनाओं के सम्मान में लिया गया है। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया है।
रविदास समाज से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि जिले का नाम दोबारा संत रविदास नगर होना उनके लिए गर्व का विषय है और इससे संत रविदास की शिक्षाओं को नई पहचान मिलेगी।
Mayawati: राजनीतिक हलकों में भी तेज हुई चर्चा
मायावती द्वारा योगी सरकार के फैसले की सराहना किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे पर नई चर्चा शुरू हो गई है। आमतौर पर राजनीतिक विरोधी रहने वाली बसपा और भाजपा के बीच इस फैसले को लेकर सहमति की स्थिति ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
वहीं विपक्ष के कुछ दल इस फैसले को राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं, जबकि भाजपा इसे सामाजिक सम्मान और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा कदम बता रही है।
Mayawati: प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू होगा निर्णय
सरकार के अनुसार, जिले का नाम आधिकारिक रूप से बदलने के लिए निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद सरकारी रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य आधिकारिक अभिलेखों में भी संत रविदास नगर नाम दर्ज किया जाएगा।
फिलहाल सरकार आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है, जिसके बाद नाम परिवर्तन प्रभावी हो जाएगा।



