US-Iran Conflict: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए मिसाइल हमले के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गुरुवार तड़के ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए। अमेरिकी सेना की ओर से कहा गया कि यह कार्रवाई अमेरिकी बलों को निशाना बनाने की कोशिश के जवाब में की गई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि निर्धारित समय के अनुसार ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार हमलों के दौरान कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
US-Iran Conflict: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कार्रवाई की पुष्टि की
CENTCOM ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह अभियान मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हुए हालिया मिसाइल हमलों के जवाब में चलाया गया है।
अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, एयरस्ट्राइक में ईरान के सैन्य प्रतिष्ठानों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि, नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
US-Iran Conflict: जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
अमेरिका की यह कार्रवाई उस घटना के एक दिन बाद हुई, जब जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को मिसाइलों से निशाना बनाया गया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उसने इनमें से पांच मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई।
दक्षिणी ईरान में कई जगह सुनाई दिए धमाके
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमलों के बाद दक्षिणी ईरान के कई हिस्सों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
रिपोर्टों में कहा गया कि बंदर अब्बास, अबू मूसा, किश द्वीप और केशम द्वीप के आसपास विस्फोट दर्ज किए गए। होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित केशम द्वीप पर लगातार तीन धमाकों की सूचना सामने आई।
US-Iran Conflict: रिहायशी इलाके में भी नुकसान की खबर
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, केशम द्वीप पर एक रिहायशी इमारत भी हमले की चपेट में आई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दो लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई।
हालांकि, राहत और बचाव कार्य जारी है और हताहतों की आधिकारिक संख्या को लेकर अभी कोई अंतिम पुष्टि नहीं की गई है।
US-Iran Conflict: ट्रंप ने पहले ही दी थी कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्डन में हुए हमले के बाद संकेत दिया था कि अमेरिका इसका जवाब देगा।
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा था कि अब अमेरिका की प्रतिक्रिया का समय है और जवाब बेहद सख्त होगा। उनके इस बयान के कुछ समय बाद ही अमेरिकी सेना ने जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी।
US-Iran Conflict: फार्स प्रांत में भी हमले की खबर
ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, फार्स प्रांत के काजेरून शहर के बाहरी क्षेत्र में भी एक स्थान को निशाना बनाया गया।
वहीं किश द्वीप पर भी धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। हालांकि स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि द्वीप का एयरपोर्ट और यात्री फेरी सेवा सामान्य रूप से संचालित हो रही है और इन सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है।
US-Iran Conflict: होर्मुज क्षेत्र पर दुनिया की नजर
हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े क्षेत्रों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है।
US-Iran Conflict: मध्य पूर्व में बढ़ सकती है सैन्य गतिविधियां
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति को फिर से संवेदनशील बना दिया है। दोनों देशों की ओर से लगातार सैन्य गतिविधियां और कड़े बयान सामने आ रहे हैं।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की आगे की रणनीति और कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं इस संकट की दिशा तय कर सकती हैं।



