बड़वाह: नर्मदा नदी इन दिनों विदेशी मेहमानों की मेजबानी कर रही है। दक्षिण पूर्वी यूरोप से आने वाले रूडी शेलडक, जिन्हें भारत में ब्राह्मणी बतख के नाम से जाना जाता है, नर्मदा की लहरों पर अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। पक्षी प्रेमियों और पर्यावरणविदों में इन प्रवासी पक्षियों को देखने की उत्सुकता बनी हुई है। सोसायटी फॉर एनिमल एंड वेलफेयर के सदस्य टोनी शर्मा और बर्ड वाचर अथर्व शर्मा के अनुसार, अक्टूबर से फरवरी के बीच ये पक्षी हजारों किलोमीटर का सफर तय कर भारत पहुंचते हैं। पिछले कुछ वर्षों से ये प्रवासी पक्षी लगातार बड़वाह आ रहे हैं, जो यहां के अनुकूल मौसम और पर्याप्त भोजन की उपलब्धता का संकेत है।क्षेत्र के अन्य जलाशयों में भी प्रवासी पक्षियों की विविध प्रजातियां देखी जा रही हैं। चिचला तालाब में हिमालय के तराई क्षेत्र से आने वाले पेंटेड स्टार्क (जांघिल) दिखाई दे रहे हैं, जो उथले पानी में सीप, घोंघे, मछली और मेंढक का शिकार करते हैं। साइबेरियन पक्षी कामन पोचार्ड और यूरेशिया की टफटेड डक (गुच्छेदार बतख) भी यहां अपना घर बना चुके हैं। करही के पास स्थित गगन तालाब भी इन प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा स्थल बनता जा रहा है।

प्रभासी पक्षियों को भाया बड़वाह का मौसम….यह भी पढ़े





