Religious Development in Madhya Pradesh : इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन शामिल हैं नागदा, धार और रतलाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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Religious Development in Madhya Pradesh

Religious Development in Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन जिले के नागदा स्थित बालाजी धाम में आयोजित ‘श्रीराम दरबार प्राण प्रतिष्ठा व ध्वज पूजा’ कार्यक्रम के दौरान राज्य के विकास और धार्मिक स्थलों के कायाकल्प को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। इस विशेष अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोत भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बालाजी धाम में बुनियादी सुविधाओं जैसे फर्श, बाउंड्री वॉल और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने का ऐलान किया।

Religious Development in Madhya Pradesh श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय का होगा भव्य निर्माण

Religious Development in Madhya Pradesh मुख्यमंत्री ने अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण को 500 वर्षों के संघर्ष की सुखद पूर्णता बताया। उन्होंने घोषणा की कि चित्रकूट, जहाँ भगवान राम ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण 12 वर्ष बिताए थे, उसे 2,000 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य ‘चित्रकूट धाम’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश के जिन-जिन स्थानों पर प्रभु राम के चरण पड़े थे, उन्हें ‘श्रीराम वन गमन पथ’ का हिस्सा बनाकर संवारा जाएगा। इसी तर्ज पर भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों को ‘श्रीकृष्ण पाथेय’ योजना के तहत भव्य रूप दिया जाएगा।

Religious Development in Madhya Pradesh सिंहस्थ 2028 की तैयारियाँ और इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन का विस्तार

वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ऐतिहासिक बनाने के लिए राज्य सरकार हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्यों को तेजी से पूरा कर रही है। उज्जैन, इंदौर और इसके आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। विकास को और गति देने के लिए अब इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के दायरे को बढ़ाते हुए इसमें धार, नागदा और रतलाम जिलों को भी शामिल कर लिया गया है।

Religious Development in Madhya Pradesh श्वेत क्रांति को बढ़ावा: दूध उत्पादन 20% करने का लक्ष्य और ‘कामधेनु योजना’

रामराज्य की अवधारणा को साकार करने और किसानों-पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ा संकल्प लिया है। राज्य में दूध उत्पादन को वर्त्तमान के 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सरकार ने ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना’ की शुरुआत की है, जिसमें 10 लाख रुपये तक के अनुदान (subsidy) का प्रावधान है। साथ ही, प्राकृतिक खेती और गौ-पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रति गाय 1,100 रुपये मासिक की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।

वैश्विक दृष्टिकोण: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोत ने कहा कि डेलनपुर में निर्मित यह भव्य मंदिर विश्व कल्याण का केंद्र बनेगा। आज पूरी दुनिया शांति और सद्भाव के लिए सनातन धर्म की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है।

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