BY
Yoganand Shrivastava
NEET-UG नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) की दोबारा होने वाली परीक्षा से ठीक पहले केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम ऐप पर लगाए गए अंतरिम प्रतिबंध के खिलाफ कंपनी ने कानूनी लड़ाई छेड़ दी है। टेलीग्राम ने इस रोक के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) का दरवाजा खटखटाया है। ऐप की ओर से मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत सुनवाई (Urgent Hearing) की अपील की गई थी, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। विदित हो कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर टेलीग्राम पर यह कड़ा एक्शन लिया है।
NEET-UG पेपर लीक और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार ने लगाया 24 घंटे का प्रतिबंध
मेडिकल पाठ्यक्रमों (MBBS/BDS) में प्रवेश के लिए देश की सबसे बड़ी परीक्षा आयोजित करने वाले केंद्रीय निकाय ‘एनटीए’ की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह कदम उठाया है:

- अस्थायी निलंबन: केंद्र सरकार ने परीक्षा से ठीक पहले प्रश्नपत्रों के लीक होने, सॉल्वर गैंग की सक्रियता और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियों के प्रसार को रोकने के लिए टेलीग्राम पर 24 घंटे का अस्थायी प्रतिबंध लगाया है।
- गूगल-एप्पल स्टोर से हटा ऐप: इस सरकारी आदेश के बाद तकनीकी दिग्गजों—गूगल (Google Play Store) और एप्पल (Apple App Store)—ने टेलीग्राम को अपने-अपने मोबाइल एप्लिकेशन स्टोर से अस्थाई रूप से हटा दिया है।
- ‘मैसेज एडिटिंग’ फीचर पर रोक: सरकार ने टेलीग्राम को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह आगामी 30 जून तक अपने प्लेटफॉर्म पर मैसेज एडिट (संदेशों में सुधार करने) करने वाले फीचर को पूरी तरह से ब्लॉक रखे।
NEET-UG NTA का बड़ा दावा: मैसेज एडिटिंग फीचर से तैयार किए जा रहे ‘फेक पेपर लीक’ के सबूत
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने जांच के बाद टेलीग्राम के फीचर्स को लेकर बेहद चौंकाने वाले दावे किए हैं:
- टाइमस्टैम्प से छेड़छाड़: एनटीए का आरोप है कि नकल माफिया और संगठित गिरोह टेलीग्राम के ‘मैसेज एडिटिंग’ फीचर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वे परीक्षा समाप्त होने के बाद पुराने संदेशों (Messages) को एडिट करके उसमें प्रश्नपत्र अपलोड कर देते हैं, जिससे बैक-डेट का ओरिजिनल टाइमस्टैम्प बरकरार रहता है। इससे ऐसा भ्रम पैदा होता है कि पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था।
- लाखों की ठगी: एनटीए के अनुसार, यह उपाय उन गिरोहों की कमर तोड़ने के लिए आवश्यक था जो मेडिकल छात्रों को झांसा देकर और फर्जी सबूत दिखाकर पहले से हल किए गए प्रश्न पत्र लाखों रुपये में बेचते हैं।
NEET-UG ’15 करोड़ भारतीयों को मिल रही सजा’—टेलीग्राम के सीईओ पावेल ड्यूरोव बिफरे
सरकार के इस फैसले पर टेलीग्राम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पावेल ड्यूरोव ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और इसे पूरी तरह अतार्किक बताया है:
“सरकार का यह फैसला मूल समस्या (पेपर लीक के मुख्य तंत्र) का समाधान किए बिना लाखों निर्दोष और आम उपभोक्ताओं को प्रभावित करता है। इस प्रतिबंध की वजह से भारत के 15 करोड़ से अधिक सामान्य टेलीग्राम यूजर्स को बिना किसी गलती के सजा भुगतनी पड़ रही है।”
NEET-UG छात्र संगठनों और अभिभावकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
टेलीग्राम पर हुई इस बड़ी कार्रवाई को लेकर छात्रों और पैरेंट्स के बीच दो फाड़ नजर आ रहे हैं। जहां एक तरफ कई छात्र संगठनों और अभिभावकों ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सरकार के इस सख्त सुरक्षात्मक कदम का स्वागत किया है; वहीं दूसरी तरफ विशेषज्ञों और कुछ छात्रों का मानना है कि इस प्रतिबंध का असर बेहद सीमित रहेगा, क्योंकि तकनीकी रूप से सक्षम लोग वीपीएन (VPN – वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) के जरिए इस तरह के ऐप और प्रतिबंधों को आसानी से बायपास कर लेते हैं। अब सभी की नजरें दिल्ली हाईकोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।





