संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
Shaurya Sankalp Training Scheme Protest देश सेवा और सेना में भर्ती होने का सपना लेकर ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ के तहत ट्रेनिंग ले रहे छात्रों के सब्र का बांध रविवार को टूट गया। योजना में मिल रही भारी अव्यवस्थाओं, घटिया भोजन और पेयजल के संकट से नाराज होकर करीब दो दर्जन छात्र सीधे जिला कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के बंगले पर जा धमके और वहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने ज्ञानोदय छात्रावास के अधीक्षक (Hostel Warden) पर सीधे कमीशनखोरी और तानाशाही का गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा कि “न भरपेट खाना मिल रहा है, न साफ पानी, ऐसे में हम सैनिक कैसे बनेंगे?” हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों को शांत कराया और मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया।

Shaurya Sankalp Training Scheme Protest मेन्यू से गायब है पौष्टिक आहार, जली रोटियां और पतली सब्जी देने का आरोप
Shaurya Sankalp Training Scheme Protest वीआईपी रोड (VIP Road) पर स्थित शासकीय ज्ञानोदय छात्रावास में रह रहे पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के प्रशिक्षणार्थी छात्रों ने हॉस्टल प्रबंधन की पोल खोलते हुए बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित डाइट चार्ट का यहाँ खुलकर मखौल उड़ाया जा रहा है:
- नाश्ते में कटौती: सेना की कठिन शारीरिक तैयारी (Physical Training) के बावजूद छात्रों को सुबह का जरूरी नाश्ता तक नहीं दिया जा रहा है।
- घटिया भोजन: दोपहर और रात के खाने में छात्रों के सामने जली हुई रोटियां और पानी जैसी पतली सब्जी परोसी जा रही है, जिससे युवाओं की भूख तक शांत नहीं हो पा रही है।
- शिकायत पर धमकी: जब छात्रों ने इस घटिया खाने का विरोध करते हुए हॉस्टल अधीक्षक से शिकायत की, तो सुधार करने के बजाय उन्हें छात्रावास से निष्कासित (Terminate) करने और करियर बर्बाद करने की धमकियां दी जाने लगीं।
Shaurya Sankalp Training Scheme Protest पानी और बिजली का संकट: ‘बत्ती गुल होते ही बूंद-बूंद को तरसते हैं छात्र’

सैनिक बनने की तैयारी कर रहे इन युवाओं ने बताया कि हॉस्टल में बुनियादी सुविधाएं भी दम तोड़ चुकी हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में छात्रावास में पीने के साफ पानी (Drinking Water) की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। हालत यह है कि जैसे ही इलाके की बिजली गुल होती है, वैसे ही हॉस्टल की वाटर सप्लाई पूरी तरह ठप हो जाती है और छात्रों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।
Shaurya Sankalp Training Scheme Protest कलेक्टर बंगले पर प्रदर्शन, तहसीलदार ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन
अपनी फरियाद लेकर पहुंचे छात्रों के कलेक्टर बंगले के घेराव की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल नायब तहसीलदार और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने काफी देर तक प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बैठकर उनकी एक-एक समस्या को विस्तार से सुना और उनके शिकायती पत्र को ऑन-रिकॉर्ड लिया।

नायब तहसीलदार ने छात्रों को आश्वस्त किया कि हॉस्टल में मीनू के अनुसार भोजन की उपलब्धता और पानी के संकट को 24 घंटे के भीतर ठीक कराया जाएगा। साथ ही, हॉस्टल अधीक्षक पर लगे कमीशनखोरी और प्रताड़ना के आरोपों की जांच के लिए कलेक्टर के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की जा रही है। यदि जांच में गड़बड़ी पाई गई, तो संबंधित वार्डन के खिलाफ तत्काल निलंबन (Suspension) और विभागीय दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।





