Saddam Hussain Bokaro Shaurya Chakra : बोकारो के लाल सद्दाम हुसैन को राष्ट्रपति ने सौंपा शौर्य चक्र, जम्मू-कश्मीर में मौत को मात देकर किया था खूंखार आतंकी का ढेर

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Saddam Hussain Bokaro Shaurya Chakra

Report: Sanjeev kumar

Saddam Hussain Bokaro Shaurya Chakra झारखंड के बोकारो स्टील सिटी (कैंप-2) निवासी और सीआरपीएफ (CRPF) के जांबाज जवान सद्दाम हुसैन को देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामय समारोह में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें इस सर्वोच्च नागरिक-सैन्य सम्मान से नवाजा। सद्दाम हुसैन को यह सम्मान जम्मू-कश्मीर के दुर्गम जंगलों में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए एक बेहद खतरनाक और साहसिक ऑपरेशन में अदम्य साहस, अद्वितीय वीरता और अनुकरणीय कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने के लिए दिया गया है। दिल्ली से सम्मान पाकर गृह क्षेत्र लौटने पर मोहल्लेवासियों और स्थानीय संगठनों ने इस वीर सपूत का पलक-पावड़े बिछाकर गर्मजोशी से ऐतिहासिक स्वागत किया।

Saddam Hussain Bokaro Shaurya Chakra बांदीपोरा के जंगलों में रची थी शौर्य की नई गाथा

सीआरपीएफ की तीसरी बटालियन में सिपाही (जीडी) के पद पर तैनात सद्दाम हुसैन ने 5 नवंबर 2024 को देश की संप्रभुता की रक्षा करते हुए मौत को बेहद करीब से मात दी थी।

परिजन
  • संयुक्त खुफिया ऑपरेशन: सुरक्षा एजेंसियों को जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले के अंतर्गत आने वाले चुट्टावाडी-कैत्सुन के घने जंगली क्षेत्र में दो खूंखार विदेशी आतंकियों के छिपे होने का सटीक इनपुट मिला था। इसके बाद सीआरपीएफ, 26 असम राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष दस्ते ने संयुक्त रूप से पूरे इलाके की तगड़ी घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

Saddam Hussain Bokaro Shaurya Chakra महज 25 मीटर की दूरी से दागा UBGL का सटीक गोला

सर्च ऑपरेशन के दौरान अचानक आतंकियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद यह ऑपरेशन एक भीषण मुठभेड़ में तब्दील हो गया। आतंकवादी एक पक्के मकान के भीतर छिपकर पोजिशन ले चुके थे, जिससे सुरक्षा बलों के लिए चुनौती दोगुनी हो गई थी।

परिजन
  • जान की बाजी लगाई: चारों तरफ से बरसती गोलियों और बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बोकारो के वीर सद्दाम हुसैन ने अपनी पोजिशन नहीं छोड़ी।
  • सटीक निशाना: जब आतंकियों को ढेर करने के लिए मकान के मुख्य प्रवेश द्वार को उड़ाना अनिवार्य हो गया, तब सद्दाम ने अपनी जान की परवाह न करते हुए रेंगते हुए आगे कदम बढ़ाए। उन्होंने महज 25 मीटर की बेहद कम और जानलेवा दूरी से आतंकियों के ठिकाने पर अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (UBGL) से एक के बाद एक सटीक राउंड दागे। सद्दाम का यह अचूक निशाना सीधे एक छिपे हुए आतंकी को लगा, जो मौके पर ही ढेर हो गया। उनकी इस दिलेरी ने इस पूरे एनकाउंटर को सफल बनाने में टर्निंग पॉइंट का काम किया।

Saddam Hussain Bokaro Shaurya Chakra पूरा परिवार गौरवान्वित, देश के युवाओं के लिए बने रोल मॉडल

शौर्य चक्र की घोषणा और राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिलने की खबर जैसे ही बोकारो पहुंची, पूरे जिले में जश्न का माहौल बन गया। वीर जवान के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

  • परिजनों ने जताया गर्व: सद्दाम हुसैन के माता-पिता और उनकी पत्नी ने इस ऐतिहासिक पल पर भावुक होते हुए कहा कि देश सेवा और मातृभूमि की रक्षा के लिए मिले इस सर्वोच्च सम्मान से आज हमारा पूरा परिवार और समाज खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
  • युवाओं के लिए प्रेरणा: बोकारो के बेटे सद्दाम हुसैन ने अपनी वीरता से न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश का मान वैश्विक पटल पर बढ़ाया है। विपरीत परिस्थितियों में उनका यह अदम्य साहस आज देश के करोड़ों युवाओं और सुरक्षा बलों के अन्य जवानों के लिए राष्ट्र सेवा की एक नई प्रेरणा बन गया है।

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