BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi : भारतीय वायुसेना (IAF) की ताकत को वैश्विक स्तर पर शीर्ष पर ले जाने और आसमान में पूर्ण संप्रभुता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय ने भारत के पहले स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट—एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) परियोजना के लिए आधिकारिक तौर पर ‘रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल’ (RFP) जारी कर दिया है। यह कदम भारत के स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम का अब तक का सबसे बड़ा औद्योगिक चरण माना जा रहा है, जो भविष्य के युद्धों की रणनीति को पूरी तरह बदल कर रख देगा।

New Delhi देश के 3 बड़े डिफेंस कंसोर्टियम को मिला टेंडर (RFP)
AMCA के निर्माण और विकास के लिए देश की तीन सबसे बड़ी निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनियों के गठबंधनों (कंसोर्टियम) ने अपना गहरा झुकाव दिखाया है, जिन्हें रक्षा मंत्रालय ने प्रस्ताव भेजा है:
- लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के साथ भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)
- टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL)
- भारत फोर्ज (Bharat Forge) के साथ बीईएमएल (BEML)
New Delhi राफेल से भी घातक होगा AMCA: जानिए इसकी 7 अत्याधुनिक खूबियां
AMCA भारत का पहला पूरी तरह से स्टील्थ-आधारित (रडार की पकड़ में न आने वाला) ट्विन-इंजन (दोहरे इंजन वाला) लड़ाकू विमान होगा। इसे गहरे पैठ वाले हमलों (Deep Strike Missions) और हवाई वर्चस्व के लिए तैयार किया जा रहा है। इसमें निम्नलिखित अत्याधुनिक तकनीकें शामिल होंगी:

- लो रडार क्रॉस सेक्शन (Low RCS): इसके विशेष डिजाइन के कारण दुश्मन के रडार इसे आसानी से नहीं पकड़ पाएंगे।
- इंटरनल वेपन्स बे (Internal Weapons Bay): स्टील्थ क्षमता को बनाए रखने के लिए मिसाइलें और बम विमान के अंदरूनी हिस्से में छिपे रहेंगे।
- सुपरक्रूज क्षमता (Supercruise Capability): बिना आफ्टरबर्नर ऑन किए भी यह विमान ध्वनि की रफ्तार से तेज उड़ान भर सकेगा।
- एडवांस्ड एईएसए रडार (Advanced AESA Radar): एक साथ कई दुश्मनों पर लंबी दूरी से नजर रखने और निशाना लगाने में सक्षम।
- सेंसर फ्यूजन और ईडब्ल्यू सुइट (Sensor Fusion & EW Suite): पायलट को पल-पल की सटीक जानकारी देने और दुश्मन के रडार को जाम करने की आधुनिक प्रणाली।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): मिशन प्रणालियों को आसान और अचूक बनाने के लिए एआई-आधारित मिशन सिस्टम।
New Delhi दो चरणों में होगा विकास: Mk-1 और Mk-2 वेरिएंट्स
स्वदेशी इंजन का लक्ष्य: योजना के अनुसार, इस फाइटर जेट का शुरुआती संस्करण AMCA Mk-1 विदेशी इंजन के साथ उड़ान भर सकता है। हालांकि, इसके बाद आने वाले अधिक शक्तिशाली AMCA Mk-2 वेरिएंट में पूरी तरह से भारत में निर्मित ‘हाई थ्रस्ट इंजन’ लगाया जाएगा। इस स्वदेशी इंजन को विकसित करने के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय रक्षा उद्योग मिलकर काम कर रहे हैं।
New Delhi ‘आत्मनिर्भर भारत’ और वैश्विक महाशक्तियों की कतार में भारत
New Delhi इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य केवल वायुसेना को मजबूत करना नहीं, बल्कि भारत को दुनिया के उन चुनिंदा देशों (जैसे अमेरिका, रूस और चीन) की एलीट लीग में खड़ा करना है, जिनके पास अपनी पांचवीं पीढ़ी (5th Generation) के स्टील्थ विमान बनाने की तकनीक मौजूद है।
यह परियोजना भारत के घरेलू रक्षा विनिर्माण इकोसिस्टम को एक नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, जिसमें निजी कंपनियों की भागीदारी से देश में लाखों रोजगार और नई तकनीकों का विकास होगा। यदि सब कुछ तय समय-सारणी के अनुसार आगे बढ़ा, तो आगामी कुछ वर्षों में भारत का अपना ‘आकाशीय योद्धा’ आसमान में गर्जना करता दिखाई देगा।





