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Aaj ka Panchang: जानें शुक्ल नवमी तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का महत्व

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Aaj ka Panchang: 24 मई 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखने वाला माना जा रहा है। यह दिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के साथ रविवार को पड़ रहा है। रविवार का दिन सूर्य देव की उपासना के लिए समर्पित माना जाता है, ऐसे में इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

पंचांग के अनुसार इस दिन बनने वाले शुभ योग और नक्षत्र का असर दैनिक जीवन, पूजा-अर्चना और शुभ कार्यों पर सकारात्मक माना गया है। ऐसे में कई लोग इस दिन के शुभ-अशुभ समय, पूजा विधि और धार्मिक महत्व के बारे में जानना चाहते हैं।

24 मई 2026 का धार्मिक महत्व

ज्येष्ठ मास की शुक्ल नवमी तिथि को धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव और भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

रविवार होने के कारण सूर्य उपासना का महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और दान करने से मानसिक शांति तथा शुभ फल की प्राप्ति होने की मान्यता है। कई लोग इस दिन विशेष रूप से सूर्य को अर्घ्य देकर दिन की शुरुआत करते हैं।

पंचांग विवरण

24 मई 2026, रविवार को शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि प्रातः 4:32 बजे तक रहेगी। इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ हो जाएगी।

तिथि: शुक्ल पक्ष नवमी – सुबह 4:32 बजे तक
वार: रविवार
नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी – रात 2:52 बजे तक
योग: हर्षण – सुबह 3:44 बजे तक
करण: बालव – शाम 4:29 बजे तक
अमांत मास: ज्येष्ठ
पूर्णिमांत मास: ज्येष्ठ
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
सूर्य राशि: वृषभ
चंद्र राशि: सिंह
ऋतु: ग्रीष्म
अयन: उत्तरायण
दिशाशूल: पश्चिम
चंद्र निवास: पूर्व

शुभ और अशुभ समय

धार्मिक कार्यों और शुभ शुरुआत के लिए दिन का शुभ मुहूर्त काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के अनुसार 24 मई को कुछ विशेष समय शुभ कार्यों के लिए अनुकूल रहेंगे।

शुभ मुहूर्त: सुबह 11:29 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक
राहुकाल: शाम 5:00 बजे से 6:41 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 3:18 बजे से शाम 5:00 बजे तक
यमघण्ट काल: सुबह 11:56 बजे से दोपहर 1:37 बजे तक

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार राहुकाल के दौरान नए और शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

सूर्य और चंद्रमा से जुड़ी जानकारी

सूर्योदय और चंद्रमा से जुड़े समय भी पंचांग में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पूजा-पाठ और व्रत रखने वाले लोग इन समयों का विशेष ध्यान रखते हैं।

सूर्योदय: सुबह 5:10 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:41 बजे
चंद्रोदय: दोपहर 12:38 बजे
चंद्रास्त: रात 12:43 बजे

पूजा और व्रत की विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और स्वच्छ वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद भगवान सूर्य और भगवान विष्णु का ध्यान कर पूजा की शुरुआत करनी चाहिए।

सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें और आदित्य मंत्र का जाप करें। मंदिर में दीपक जलाकर पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन जरूरतमंदों को दान देना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।

दिनभर संयमित व्यवहार रखने और सकारात्मक सोच बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

निष्कर्ष

24 मई 2026 का दिन ज्येष्ठ मास की शुक्ल नवमी तिथि और रविवार के विशेष संयोग के कारण धार्मिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ, सूर्य उपासना और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आने की मान्यता है। पंचांग के अनुसार दिनचर्या और धार्मिक कार्यों को व्यवस्थित करना कई लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है।

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