Report: Imran khan
Chhatarpur मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बमीठा और खजुराहो थाना क्षेत्र में तीन शादियों और जमीनी विवाद से जुड़ा एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ा दिए हैं। यहाँ एक महिला को उसका दूसरा पति और सौतेला बेटा मोटरसाइकिल पर जबरदस्ती अगवा कर ले गए और कमरे में बंद कर बेरहमी से मारपीट की। इस जुल्म से तंग आकर महिला ने जहर खा लिया, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ वह जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।
Chhatarpur खजुराहो थाने में गुहार के एक घंटे बाद ही हो गया ‘अपहरण’
पीड़ित महिला सरोज पटेल ने हाल ही में अपने तीसरे पति हल्के पटेल के साथ कोर्ट मैरिज की थी और दोनों दो महीने से बाहर रह रहे थे।
- सुरक्षा की मांगी थी भीख: 15 मई को जब दोनों वापस लौटे, तो उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हुआ। दोनों ने खजुराहो थाने पहुँचकर दूसरे पति कालीचरण उर्फ कल्लू पटेल और हल्के के भाई पन्ना लाल पटेल के खिलाफ लिखित आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की।
- पुलिस का खोखला आश्वासन: खजुराहो पुलिस ने दोनों को यह कहकर गाँव भेज दिया कि “आप गाँव जाओ, पुलिस आपकी रक्षा करेगी।” लेकिन पुलिस का यह दावा खोखला साबित हुआ।
- बुलट जैसी रफ्तार से वारदात: सरोज और हल्के पटेल जैसे ही अपने गाँव टपरियन लखेरी पहुँचे, उसके महज एक घंटे के भीतर ही दूसरा पति कल्लू पटेल और उसका बेटा महेंद्र पटेल डीलक्स मोटरसाइकिल (MP 16 ZE 4259) से वहाँ धमक पड़े। वे सरोज को जबरन उठाकर (अपहरण कर) अपने साथ ले गए।
Chhatarpur कमरे में बंद कर मारपीट, खौफ में निगला जहर
अपहरण के बाद कल्लू पटेल ने सरोज को एक कमरे में बंधक बना लिया। आरोप है कि वहाँ उसके साथ जमकर मारपीट की गई और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस हैवानियत और जुल्म से बचने का जब सरोज को कोई रास्ता नहीं सूझा, तो उसने आत्मघाती कदम उठाते हुए जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
इस मामले में खजुराहो टीआई (TI) सोलंकी का एक अजीब बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि “कल्लू पटेल अपनी (दूसरी) पत्नी को उठाकर ले गया है, फिर भी दोनों पक्षों को थाने बुलाकर जांच की जाएगी।”
Chhatarpur तीन शादियों की कहानी: हरिराम से लेकर हल्के पटेल तक
सरोज पटेल के इस खूनी ड्रामे के पीछे उसकी तीन शादियों का लंबा इतिहास और पारिवारिक कलह है:
- पहली शादी: सरोज की पहली शादी सद्दूपुरा के हरिराम पटेल से हुई थी, जिससे उसके दो बेटे हैं (जो अब हरिराम के पास ही रहते हैं)। सरोज ने हरिराम से कानूनी तौर पर ‘छोड़-छुट्टी’ (तलाक) ले ली थी।
- दूसरी शादी: इसके बाद सरोज ने कल्लू पटेल से दूसरी शादी की। लेकिन कल्लू की लगातार प्रताड़ना से तंग आकर वह उसे भी छोड़ छाड़ कर अलग हो गई।
- तीसरी शादी: कल्लू से अलग होने के बाद सरोज ने हल्के पटेल से कोर्ट मैरिज कर ली। पैसे खत्म होने पर जब यह जोड़ा 15 मई को गाँव लौटा, तो यह पूरा बखेड़ा खड़ा हो गया।
Chhatarpur असली वजह: 14 एकड़ जमीन और भाई का विरोध
इस पूरे घमासान के पीछे सिर्फ शादियां नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की 14 एकड़ कृषि भूमि का विवाद भी है।
- हल्के पटेल और पन्ना लाल पटेल दो भाई हैं। हल्के की पहले शादी नहीं हुई थी, जिसके कारण दोनों भाइयों के नाम मौजूद पूरी 14 एकड़ जमीन पन्ना लाल और उसके परिवार को मिलनी तय थी।
- लेकिन अब हल्के पटेल ने सरोज पटेल से कोर्ट मैरिज कर ली है, जिससे नियमानुसार इस जमीन के दो हिस्से होंगे और दोनों भाइयों को 7-7 एकड़ जमीन मिलेगी।
- अपने हिस्से की 7 एकड़ जमीन हाथ से जाती देख पन्ना लाल पटेल इस कोर्ट मैरिज का कड़ा विरोध कर रहा था और सरोज की जान का दुश्मन बना हुआ था।





