BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi भारतीय न्यायपालिका को आधुनिक और तकनीक-संपन्न बनाने की दिशा में मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को दो बड़ी डिजिटल पहलों की घोषणा की है। ‘वन केस वन डेटा’ और ‘सु सहाय’ नामक इन योजनाओं का उद्देश्य देश भर की अदालती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना और आम नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच को सरल बनाना है। सोमवार को कोर्ट की कार्यवाही शुरू होते ही CJI ने इन ऐतिहासिक सुधारों की जानकारी साझा की।
New Delhi ‘वन केस वन डेटा’: निचली अदालत से हाई कोर्ट तक एक ही मंच
इस नई पहल के तहत देश की सभी तालुका अदालतों, जिला न्यायालयों और उच्च न्यायालयों की सूचनाओं को एक एकीकृत डिजिटल तंत्र (Unified System) से जोड़ दिया जाएगा।
- एककीकृत डेटाबेस: अब किसी भी केस से संबंधित जानकारी अलग-अलग पोर्टल्स के बजाय एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।
- कुशल प्रबंधन: इस प्रणाली से मामलों के प्रबंधन में तेजी आएगी और अदालतों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान सुगम होगा।
- पारदर्शिता: डेटा के एकीकरण से केस की वर्तमान स्थिति और न्यायिक रिकॉर्ड्स में अधिक स्पष्टता आएगी।
New Delhi ‘सु सहाय’: वादियों की मदद के लिए AI चैटबॉट
आम जनता और विशेष रूप से वादियों (litigants) की सुविधा के लिए सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर ‘सु सहाय’ नामक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) संचालित चैटबॉट शुरू किया गया है।
- इसे एनआईसी (NIC) और सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के सहयोग से विकसित किया गया है।
- यह चैटबॉट नागरिकों को सुप्रीम कोर्ट की आवश्यक सेवाओं, केस फाइलिंग की बुनियादी जानकारी और अन्य दिशा-निर्देशों के लिए एक सरल इंटरफेस प्रदान करेगा। इससे लोगों को छोटी-मोटी जानकारियों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
New Delhi कुशल केस मैनेजमेंट सिस्टम की ओर कदम
CJI सूर्यकांत ने जोर देकर कहा कि इन पहलों का अंतिम लक्ष्य एक अत्यंत कुशल ‘केस मैनेजमेंट सिस्टम’ विकसित करना है। डिजिटल एकीकरण न केवल जजों और वकीलों के काम को आसान बनाएगा, बल्कि न्यायिक प्रणाली में लगने वाले समय को भी कम करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘वन केस वन डेटा’ से भारतीय अदालतों की कार्यप्रणाली में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।





