Haj Yatra 2026: हज 2026 के लिए हवाई किराए में लगभग 10,000 रुपये की बढ़ोतरी को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी किया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह वृद्धि किसी मनमाने फैसले का परिणाम नहीं है, बल्कि वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हुई है।
Haj Yatra 2026: एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल
सरकार के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों पर पड़ा है। इस वजह से एयरलाइंस ने प्रति यात्री 300 से 400 अमेरिकी डॉलर तक किराया बढ़ाने की मांग की थी। इसे वैश्विक संकट की स्थिति बताते हुए एयरलाइंस ने लागत बढ़ने का हवाला दिया।
Haj Yatra 2026: सरकार के हस्तक्षेप से किराया वृद्धि सीमित
Various concerns and comments have been observed in several media platforms regarding the increase of Rs 10,000 on Haj airfare. We share the concerns for every pilgrim who saves for years to perform Haj. That is precisely why the Haj Committee negotiated hard on their behalf.
— Ministry of Minority Affairs (@MOMAIndia) April 30, 2026
The… pic.twitter.com/n8Y5xhvWa8
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और हज कमेटी ने एयरलाइंस के साथ बातचीत कर इस बढ़ोतरी को काफी हद तक कम कराया। सरकार के हस्तक्षेप के बाद किराया वृद्धि को घटाकर सिर्फ 100 अमेरिकी डॉलर (करीब ₹8,400 से ₹10,000) प्रति यात्री तक सीमित कर दिया गया। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
Haj Yatra 2026: प्रति यात्री 200-300 डॉलर की बचत
मंत्रालय के अनुसार, अगर सरकार हस्तक्षेप नहीं करती तो यात्रियों को 300-400 डॉलर अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता। लेकिन बातचीत के बाद यह बढ़ोतरी कम कर दी गई, जिससे प्रति यात्री करीब 200 से 300 डॉलर की बचत सुनिश्चित हुई है। यह निर्णय सभी प्रस्थान केंद्रों पर समान रूप से लागू किया जाएगा।
Haj Yatra 2026: मंत्री किरेन रिजिजू का बयान
किरण रिजिजू ने कहा कि हज यात्रा लाखों परिवारों के लिए एक भावनात्मक और जीवनभर का सपना होता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक तनाव के चलते ATF की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी हुई है, जिसके लिए एयरलाइंस को पूरी तरह जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने बातचीत के जरिए यह सुनिश्चित किया कि बढ़ोतरी न्यूनतम रहे और यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
Haj Yatra 2026: निजी टूर ऑपरेटरों पर मनमानी का आरोप
सरकार ने यह भी बताया कि जहां हज कमेटी ने किराया नियंत्रित रखने की कोशिश की, वहीं निजी टूर ऑपरेटरों ने पहले ही अपने पैकेज में भारी बढ़ोतरी कर दी थी। हाल ही में उन्होंने करीब 150 डॉलर अतिरिक्त बढ़ोतरी भी की है, जिससे यात्रियों पर और आर्थिक दबाव बढ़ा है।
Haj Yatra 2026: एक लाख से ज्यादा तीर्थयात्री कर चुके हैं रजिस्ट्रेशन
हज 2026 के लिए अब तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। सरकार का कहना है कि सभी व्यवस्थाएं पारदर्शिता और सुचारू संचालन के साथ की जा रही हैं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
read also: Kailash Mansarovar Yatra 2026: जून से अगस्त तक होगी यात्रा, जानें कब करें आवेदन





