BY
Yoganand Shrivastava
Barabanki उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के लोनी कटरा क्षेत्र के खैरा बीरू गांव में एक विवाह समारोह के दौरान उस वक्त मेहमानों की सांसें अटक गईं, जब दूल्हे ने जयमाला से ठीक पहले एक अजीबोगरीब शर्त रख दी। हालांकि, यह शर्त किसी लालच की नहीं, बल्कि भविष्य की गृहस्थी और संघर्ष से जुड़ी थी।
Barabanki सिलेंडर की किल्लत ने दूल्हे को किया परेशान
जानकारी के अनुसार, दूल्हे अशोक को अपनी शादी की तैयारियों के दौरान रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत और भागदौड़ का सामना करना पड़ा था। गैस एजेंसी के चक्कर काटते-काटते अशोक को यह अहसास हुआ कि आधुनिक सुविधाओं के अभाव में जीवन कितना कठिन हो सकता है। इसी अनुभव ने उसे मंडप में एक अनोखी शर्त रखने पर मजबूर कर दिया।
Barabanki दूल्हे की शर्त: क्या चूल्हे पर खाना बनाएंगी?
जैसे ही जयमाला की रस्म शुरू होने वाली थी, अशोक ने दुल्हन लक्ष्मी के सामने अपना सवाल दाग दिया। उसने पूछा— “अगर भविष्य में इसी तरह रसोई गैस का संकट गहरा जाए, तो क्या तुम चूल्हे पर खाना बनाने के लिए तैयार रहोगी?” यह सुनते ही पंडाल में सन्नाटा पसर गया और बाराती-घराती एक-दूसरे का मुंह ताकने लगे।
Barabanki दुल्हन की मुस्कान और ‘हां’ ने जीता दिल
दुल्हन लक्ष्मी ने इस सवाल पर जरा भी हिचकिचाहट नहीं दिखाई। उसने मुस्कुराते हुए अशोक की इस शर्त को स्वीकार कर लिया और सहमति दे दी। लक्ष्मी के इस समझदारी भरे जवाब ने न केवल दूल्हे को संतुष्ट किया, बल्कि वहां मौजूद लोगों की तालियों ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। इसके बाद हंसी-खुशी जयमाला और सात फेरों की रस्में पूरी की गईं।





