Bhopal मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि धरती हमारी माता है और इसका संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का ‘परम धर्म’ है। उन्होंने पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
Bhopal भावी पीढ़ी के लिए संसाधनों की सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस धरती ने हमें जन्म और पोषण दिया है, उसे समृद्ध रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें जल, जंगल और जमीन को हर हाल में सुरक्षित रखना होगा। यदि हम आज इन संसाधनों का अंधाधुंध दोहन करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए संकट खड़ा हो जाएगा।
Bhopal प्रकृति अनुकूल जीवनशैली का संकल्प
डॉ. यादव ने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाएं। उन्होंने तीन मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:
- संयमित उपयोग: प्राकृतिक संसाधनों (बिजली, पानी आदि) का आवश्यकतानुसार ही उपयोग करें।
- प्रकृति अनुकूल जीवन: ऐसी आदतों को अपनाएं जिससे पर्यावरण को कम से कम नुकसान हो।
- पौधरोपण: धरती को हरा-भरा बनाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लें।
Bhopal ‘परम धर्म’ के रूप में संरक्षण
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रकृति की रक्षा करना केवल एक सरकारी कार्य नहीं है, बल्कि यह एक मानवीय सेवा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जन-भागीदारी के माध्यम से मध्य प्रदेश पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा।





