Bhopal राज्य में अब तक 1.45 लाख से अधिक किसानों से लगभग 63.27 लाख क्विंटल गेहूँ खरीदा जा चुका है। इसके बदले किसानों के बैंक खातों में 920 करोड़ 7 लाख रुपए की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए अब तक 5.36 लाख किसानों ने अपनी उपज बेचने के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुक किए हैं।
प्रशासनिक स्तर पर सुविधा बढ़ाते हुए अब सैटेलाइट ई-मेल मिलान में समस्या वाले खसरों को छोड़कर, किसान के अन्य सभी खसरों पर स्लॉट बुकिंग की अनुमति दे दी गई है।
Bhopal खरीद क्षमता में वृद्धि और केंद्रों पर आधुनिक सुविधाएं
किसानों की भीड़ को नियंत्रित करने और तुलाई प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:
- स्लॉट क्षमता: प्रत्येक केंद्र पर प्रतिदिन स्लॉट बुकिंग की सीमा 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल कर दी गई है।
- तौल कांटे: उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई है ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े।
- बुनियादी सुविधाएं: सभी 3171 केंद्रों पर पेयजल, छायादार बैठक व्यवस्था, सिलाई मशीन, इंटरनेट और उपज सफाई के लिए पंखे व छनने जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
Bhopal समर्थन मूल्य के साथ ₹40 का अतिरिक्त बोनस
इस वर्ष किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर दाम मिल रहा है। सरकार 2585 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूँ खरीद रही है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने 40 रुपए प्रति क्विंटल की बोनस राशि की घोषणा की है, जिससे किसानों को कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। खरीदे गए गेहूँ के सुरक्षित भंडारण के लिए जूट और पीपी बैग्स की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
Bhopal रिकॉर्ड पंजीयन और उपार्जन का बड़ा लक्ष्य
मध्यप्रदेश में इस साल गेहूँ विक्रय के लिए रिकॉर्ड 19.04 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.60 लाख अधिक है। विपरीत वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद, सरकार ने इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ खरीदने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। अब तक खरीदे गए गेहूँ में से लगभग 51.75 लाख क्विंटल का सुरक्षित भंडारण केंद्रों तक परिवहन भी किया जा चुका है।





