रिपोर्ट – प्रेमपाल सिंह
Firozabad उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने रविवार को फिरोजाबाद के 200 बेड वाले मेडिकल कॉलेज और 100 बेड के जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखने पहुंचे डिप्टी सीएम ने अस्पताल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों की सेवा में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Firozabad मरीजों से सीधा संवाद: व्यवस्थाओं की ली जमीनी जानकारी
निरीक्षण के दौरान ब्रजेश पाठक सीधे जनरल वार्ड में पहुंचे और वहां भर्ती मरीजों व उनके तीमारदारों से रूबरू हुए। उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें अस्पताल से मुफ्त दवाइयां मिल रही हैं या नहीं और डॉक्टर नियमित रूप से राउंड पर आ रहे हैं या नहीं। मरीजों द्वारा सकारात्मक फीडबैक मिलने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही हिदायत दी कि यदि किसी ने बाहर की दवा लिखी, तो उस पर तत्काल गाज गिरेगी।

Firozabad साफ-सफाई और अनुशासन पर संतोष, पर ‘चेतावनी’ बरकरार
डिप्टी सीएम ने अस्पताल परिसर, शौचालय और वार्डों की स्वच्छता का बारीकी से मुआयना किया। वर्तमान व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह अनुशासन केवल वीआईपी दौरे तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे हर दिन की कार्यशैली बनाना होगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक, हर जगह गरीब मरीज को सम्मान और समय पर इलाज मिलना चाहिए।

Firozabad लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी
अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए उपमुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य विभाग की छवि जनता के बीच ‘मददगार’ की होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में लापरवाही, भ्रष्टाचार या मरीजों के साथ दुर्व्यवहार की कोई भी शिकायत सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने के भी निर्देश दिए।





