BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच आज पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ऐतिहासिक ‘इस्लामाबाद टॉक्स’ शुरू होने जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति बहाली के लिए आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुँच चुके हैं। हालांकि, वार्ता शुरू होने से ठीक पहले ईरान के सख्त रुख और उसकी नई शर्तों ने समझौते की राह को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

New Delhi ईरान की दो प्रमुख शर्तें: संपत्तियों की रिहाई और लेबनान में शांति
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलिबाफ के नेतृत्व में तेहरान का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार देर रात इस्लामाबाद पहुँचा। मीडिया से बात करते हुए गलिबाफ ने स्पष्ट किया कि शांति समझौते तक पहुँचने के लिए अमेरिका को ईरान के अधिकारों का सम्मान करना होगा। ईरान ने अपनी मुख्य दो शर्तें रखी हैं:

- अवरुद्ध संपत्तियों की रिहाई: अमेरिका द्वारा सीज की गई ईरानी संपत्तियों को तुरंत रिलीज किया जाए।
- लेबनान में पूर्ण युद्धविराम: इजरायल द्वारा लेबनान में किए जा रहे हमलों को पूरी तरह से बंद कराया जाए। ईरानी पक्ष का कहना है कि इन शर्तों को माने बिना स्थायी समाधान संभव नहीं है।
New Delhi अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और ट्रंप की परमाणु चेतावनी
अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके साथ डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल हैं। इस्लामाबाद रवाना होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर सख्त लहजे में कहा कि उनका मुख्य ध्यान इस बात पर रहेगा कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को हर हाल में खुला रखा जाएगा और इसके लिए अमेरिका किसी भी हद तक जा सकता है।

New Delhi पाकिस्तान की भूमिका और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
New Delhi पाकिस्तान इस वार्ता में मध्यस्थ (Facilitator) की भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर खुद इस प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। वार्ता की संवेदनशीलता को देखते हुए इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। शहर में दो दिनों का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है और कई इलाकों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने उम्मीद जताई है कि यह ‘इस्लामाबाद वार्ता’ क्षेत्रीय शांति के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
Read this: Roorkee Police: युवती ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल





