रिपोर्ट- राशिद
ayushman-cards : लखनऊ, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत छूटे हुए पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर रहा है। इस अभियान की शुरुआत 25 नवंबर 2025 को की गई थी, जो 25 दिसंबर 2025 तक संचालित हुआ। इस अवधि में 5 लाख 52 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए।
ayushman-cards- उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक ने बताया कि अभियान की सफलता को देखते हुए इसे पुनः 15 जनवरी 2026 से प्रारंभ किया गया, जो वर्तमान में जारी है। इस विशेष अभियान के तहत अब तक 19 लाख 81 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अभियान में विशेष रूप से आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आंगनबाड़ी सहायिकाओं एवं उनके परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है।

अभियान के दौरान जनपद बरेली ने सर्वाधिक प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि आजमगढ़ दूसरे और जौनपुर तीसरे स्थान पर रहे हैं।
ayushman-cards- आयुष्मान योजनान्तर्गत देश में सबसे अधिक कार्ड बनाने वाला पहला राज्य बना उत्तर प्रदेश – अमित कुमार घोष,अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य
ayushman-cards- अपर मुख्य सचिव श्री अमित कुमार घोष ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक आयुष्मान कार्ड बनाने वाला राज्य बन चुका है। उन्होंने बताया कि अभियान में फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को योजना से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ayushman-cards- उन्होंने यह भी बताया कि जीरो पावर्टी अभियान के अंतर्गत चिन्हित गरीब परिवारों को भी आयुष्मान योजना से जोड़ा जा रहा है, जिसमें बागपत, अमरोहा, सहारनपुर, गाजियाबाद एवं गौतमबुद्ध नगर जैसे जनपदों ने सराहनीय कार्य किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक तक स्वास्थ्य सुरक्षा पहुंचाना है और इस दिशा में कोई भी पात्र व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए। प्रदेशवासियों से अपील की कि पात्र व्यक्ति आगे आकर अपना आयुष्मान कार्ड बनवाएं और योजना का लाभ उठाएं, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित न रह जाए।
साचीज की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती अर्चना वर्मा ने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 5.70 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिसके माध्यम से करोड़ों परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित वय वंदना योजना के तहत लगभग 26 लाख 55 हजार बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
ayushman-cards- उन्होंने बताया कि विशेष अभियान को 15 जनवरी से 15 अप्रैल 2026 तक विस्तारित किया गया है। 30 मार्च तक इस अभियान के अंतर्गत 19 लाख 81 हजार से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं। यह अभियान स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से संचालित किया जा रहा है।
जनपदवार प्रगति में बरेली ने 1,24,096 कार्ड बनाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि आजमगढ़ (1,10,821) दूसरे, जौनपुर (91,954) तीसरे, प्रयागराज (82,862) चौथे और आगरा (79,603) पांचवें स्थान पर रहे।
फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के लगभग 4.28 लाख आशा कार्यकर्ताओं एवं उनके परिवारों में से 3.30 लाख से अधिक के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि शेष लगभग 1.02 लाख पर कार्य जारी है। इसी प्रकार, 2.17 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं उनके परिवारों में से 1.55 लाख तथा 2.32 लाख आंगनबाड़ी सहायिकाओं एवं उनके परिवारों में से लगभग 1.53 लाख लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं।
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