Mussoorie gas shortage: घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत ने गंभीर रूप ले लिया है। छोटे दुकानदार, चाय-नाश्ते की दुकानों और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कई प्रतिष्ठान कमर्शियल सिलेंडर न मिलने के कारण बंद होने की कगार पर हैं। व्यापारी सरकार की ओर से पर्याप्त गैस उपलब्ध न कराने पर सवाल उठा रहे हैं।
Mussoorie gas shortage: घरेलू उपभोक्ताओं की परेशानी
घरेलू उपभोक्ताओं की समस्याएँ भी कम नहीं हैं। ऑनलाइन बुकिंग नंबर अक्सर काम नहीं करता और सीधे एजेंसी जाने पर भी 2-3 दिन बाद सिलेंडर मिलने की बात कही जाती है। बड़े परिवारों के लिए 25 दिन में एक सिलेंडर पर्याप्त नहीं है, जिससे रोज़मर्रा की जरूरतें प्रभावित हो रही हैं।
Mussoorie gas shortage: गैस एजेंसी का जवाब
इंडियन गैस एजेंसी के प्रबंधक प्रदीप सती ने बताया कि घरेलू सिलेंडरों की उपलब्धता फिलहाल पर्याप्त है, लेकिन वितरण सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जा रहा है। मसूरी की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
Mussoorie gas shortage: कमर्शियल सिलेंडरों की कमी
प्रदीप सती ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडरों की मात्रा सीमित है और प्राथमिकता आईटीबीपी और लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकादमी जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं को दी जा रही है। छोटे व्यापारियों के लिए फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराना संभव नहीं है।
सरकार का दावा और नागरिकों की अपेक्षा
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सरकार गैस आपूर्ति को सुचारु करने के प्रयास में है। घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति में सुधार हुआ है और जल्द ही कमर्शियल सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों से धैर्य और सहयोग की अपील की।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर असर
मसूरी में बढ़ते गैस संकट ने आम जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो इसका असर सीधे पर्यटन नगरी की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।





