Netanyahu on Iran: इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के साथ हुई बातचीत के बाद ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। नेतन्याहू ने कहा कि उनकी और राष्ट्रपति ट्रंप की नीति पूरी तरह एक जैसी है और दोनों इस बात पर सहमत हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
इजरायली प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर संभावित समझौते और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली आगामी बातचीत को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस बयान के बाद पश्चिम एशिया की राजनीति और सुरक्षा हालात को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
Netanyahu on Iran: ट्रंप के साथ बातचीत में ईरान मुद्दे पर चर्चा
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से कई अहम रणनीतिक मुद्दों पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने ईरान की परमाणु गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अपने विचार साझा किए।
שוחחתי אמש עם הנשיא טראמפ על מזכר ההבנות לפתיחת מצרי הורמוז ועל המשא ומתן הקרוב להסכם סופי בנושא תוכנית הגרעין של איראן.
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) May 24, 2026
הבעתי בפני הנשיא טראמפ את הערכתי העמוקה על מחויבותו האיתנה לביטחון ישראל, לרבות במהלך המבצעים ״שאגת הארי״ ו”Epic Fury”, שבהם כוחות אמריקנים וישראלים נלחמו כתף…
नेतन्याहू ने कहा कि दोनों देशों की नीति स्पष्ट है और ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने इसे इजरायल और अमेरिका दोनों की साझा प्राथमिकता बताया।
Netanyahu on Iran: अमेरिकी और इजरायली सेना ने मिलकर किया काम
इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने कई अभियानों में मिलकर काम किया है। उन्होंने ‘Shagat HaAri’ और ‘Epic Fury’ जैसे अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि इन अभियानों के दौरान दोनों देशों की सेनाओं ने ईरानी खतरे के खिलाफ संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
नेतन्याहू के अनुसार अमेरिका ने इजरायल की सुरक्षा के प्रति हमेशा मजबूत समर्थन दिखाया है और राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस प्रतिबद्धता को दोहराया है।
Netanyahu on Iran: परमाणु खतरा पूरी तरह खत्म करने पर जोर
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के साथ कोई भी अंतिम समझौता तभी स्वीकार किया जाएगा, जब उसके परमाणु खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए ईरान के परमाणु संवर्धन केंद्रों को निष्क्रिय करना और संवर्धित परमाणु सामग्री को देश से बाहर करना जरूरी होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आंशिक नियंत्रण या सीमित प्रतिबंध पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
Netanyahu on Iran: लेबनान और अन्य मोर्चों पर भी हुई चर्चा
इजरायली प्रधानमंत्री के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ने लेबनान समेत अन्य सुरक्षा मोर्चों पर भी इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है। नेतन्याहू ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी सिर्फ कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युद्ध के मैदान में भी साबित हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में अमेरिका और इजरायल के बीच रणनीतिक सहयोग और ज्यादा मजबूत हुआ है।
Netanyahu on Iran: अमेरिका-इजरायल संबंधों को बताया पहले से ज्यादा मजबूत
नेतन्याहू ने कहा कि मौजूदा समय में अमेरिका और इजरायल के संबंध पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में हैं। दोनों देश सुरक्षा, रक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर मिलकर काम कर रहे हैं।
अंत में उन्होंने दोहराया कि उनकी और राष्ट्रपति ट्रंप की नीति पूरी तरह स्पष्ट है और दोनों देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके।
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