Madhya Pradesh इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में बनेंगे “गीता भवन” : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक स्वरूप देने के लिए ‘गीता भवन’ परियोजना का रोडमैप साझा किया है। उन्होंने कहा कि इन भवनों का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि एक ऐसा दार्शनिक वातावरण तैयार करना है जहाँ युवा पीढ़ी श्रीमद्भगवद्गीता के ‘निष्काम कर्म’ और भारतीय जीवन मूल्यों को आत्मसात कर सके। यह परियोजना शोधार्थियों के लिए ज्ञान के केंद्र के रूप में भी कार्य करेगी।

Madhya Pradesh मिशन 2026-27: बजट और वृहद कार्ययोजना

सरकार ने इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए 5 साल का मास्टर प्लान तैयार किया है।

  • वित्तीय प्रावधान: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 60 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
  • विस्तार: प्रदेश के सभी 413 शहरों को इस योजना के दायरे में लाया गया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि इंदौर और जबलपुर के गीता भवनों ने जिस तरह समाज में आध्यात्मिक चेतना जगाई है, उसी मॉडल को अब पूरे प्रदेश में आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ लागू किया जाएगा।

Madhya Pradesh प्रोजेक्ट्स की प्रगति: 4 शहरों में स्वीकृति और 100 निकायों में भूमि आवंटन

योजना के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

  • ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स: विभाग ने पहले चरण में रीवा (5 करोड़), छिंदवाड़ा (2.5 करोड़), कटनी (2.4 करोड़) और खंडवा (2 करोड़) के प्रोजेक्ट्स को तकनीकी मंजूरी दे दी है।
  • भूमि उपलब्धता: राज्य के 6 नगर निगमों और 100 नगर पालिकाओं में ‘ग्रीनफील्ड’ (नए निर्माण) प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन चिन्हित की जा चुकी है, जिनकी डीपीआर (DPR) अब अंतिम चरण में है। शेष 313 निकायों में भी जिला कलेक्टरों के माध्यम से भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है।

Madhya Pradesh ‘गीता भवन’ की रूपरेखा: आधुनिक सुविधाओं से लैस सांस्कृतिक केंद्र

प्रत्येक गीता भवन को केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक बहुउद्देश्यीय सांस्कृतिक परिसर (Multipurpose Center) के रूप में विकसित किया जा रहा है।

  • ज्ञान और विमर्श: यहाँ अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बनाए जाएंगे जहाँ बड़े स्तर पर वैचारिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हो सकेंगे।
  • डिजिटल लाइब्रेरी: शोधार्थियों के लिए समृद्ध भौतिक लाइब्रेरी के साथ-साथ हाई-टेक ई-लाइब्रेरी की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
  • जन-सुविधाएं: परिसर में आध्यात्मिक साहित्य के लिए विशेष विक्रय केंद्र और आगंतुकों के लिए कैफेटेरिया जैसी व्यावसायिक सुविधाएं भी शामिल होंगी।

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