रिपोर्ट- प्रविंस मनहर
रायपुर। Chhattisgarh Legislative Assembly के बजट सत्र के आठवें दिन सदन में कई मुद्दों पर तीखी बहस और नोकझोंक देखने को मिली। विशेष रूप से स्काउट-गाइड जंबूरी कार्यक्रम के टेंडर, स्वामी आत्मानंद स्कूलों की संख्या और पीडब्ल्यूडी ठेकेदारों के कामकाज को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। कई सवालों पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने जांच की मांग की और अंत में कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट भी किया।
Chhattisgarh Assembly : जंबूरी टेंडर को लेकर तीखी बहस
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक Umesh Patel ने बालोद में आयोजित स्काउट-गाइड जंबूरी कार्यक्रम से जुड़े टेंडर और खर्च पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि कार्यक्रम में किन-किन कार्यों के लिए कितना खर्च किया गया और टेंडर प्रक्रिया किस तरह अपनाई गई। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टेंडर जारी होने से पहले ही कई काम शुरू कर दिए गए थे, जो नियमों के खिलाफ है।
Chhattisgarh Assembly इस पर जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav ने बताया कि जंबूरी आयोजन के दौरान शौचालय निर्माण, पानी, बिजली, ध्वनि व्यवस्था, आवास और डोम निर्माण जैसे कार्यों पर लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि रायपुर की किराया भंडार संस्था को करीब 5 करोड़ 18 लाख 88 हजार रुपये का टेंडर दिया गया था।

Chhattisgarh Assembly : जेम पोर्टल और पारदर्शिता पर सवाल
विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कुछ काम पहले ही शुरू कर दिए गए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उस समय स्काउट-गाइड संगठन का वास्तविक अध्यक्ष कौन था, क्योंकि एक ओर सांसद स्वयं को अध्यक्ष बता रहे थे और दूसरी ओर शिक्षा मंत्री का नाम भी सामने आ रहा था।
इस पर मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि स्काउट-गाइड राज्य परिषद में शिक्षा मंत्री पदेन अध्यक्ष होते हैं और मुख्यमंत्री संगठन के संरक्षक रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार और जेम पोर्टल के माध्यम से की गई हैं, इसलिए भ्रष्टाचार की कोई संभावना नहीं है।

Chhattisgarh Assembly : विपक्ष की जांच की मांग
सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यदि सब कुछ सही है तो जांच कराने में सरकार को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने भी आरोप लगाया कि पूरे मामले में गड़बड़ी की आशंका दिखाई दे रही है और इसे स्पष्ट करने के लिए विधानसभा समिति से जांच कराई जानी चाहिए।
मंत्री गजेंद्र यादव ने हालांकि कहा कि जब सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत हुई हैं और जेम पोर्टल के जरिए टेंडर जारी हुआ है, तब जांच की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद विपक्ष के विधायक असंतुष्ट होकर सदन से वॉकआउट कर गए।
Chhattisgarh Assembly : स्वामी आत्मानंद स्कूलों की संख्या पर भी सवाल
सदन में नेता प्रतिपक्ष ने Swami Atmanand Government English Medium Schools को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री द्वारा दी गई जानकारी में अंतर दिखाई देता है, इसलिए स्पष्ट किया जाए कि प्रदेश में कुल कितने स्वामी आत्मानंद स्कूल संचालित हो रहे हैं।
Chhattisgarh Assembly इस पर मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब देते हुए कहा कि दोनों जानकारी सही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अंग्रेजी माध्यम के 403 स्वामी आत्मानंद स्कूल संचालित हो रहे हैं, जबकि हिंदी माध्यम के 361 स्कूल चल रहे हैं।





