Report by: Somnath Mishra
Jabalpur: मप्र हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ में एक अफरा-तफरी की घटना हुई, जब याचिकाकर्ता ने कोर्ट रूम में जज की डाइस पर भ्रूण रख दिया। यह घटना जस्टिस हिमांशु जोशी और दयाशंकर पांडे की कोर्ट नंबर 17 में हुई।
Jabalpur: याचिकाकर्ता का दावा- “मेरा बच्चा मर चुका, अब मेरी बारी”

सूत्रों के अनुसार, रीवा निवासी दयाशंकर पांडे अपनी याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद था। इस दौरान उसने अपने साथ लाए भ्रूण को जज की डाइस पर रखा और कहा, “जज साहब, मेरा बच्चा मर चुका है, अब मेरी बारी है।” जस्टिस हिमांशु जोशी ने याचिकाकर्ता को आश्वस्त करते हुए कहा कि उसे न्याय मिलेगा।
Jabalpur: सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत किया हिरासत में
कोर्ट में भ्रूण रखे जाने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने युवक और उसकी पत्नी को हिरासत में ले लिया और उन्हें सिविल लाइन थाना लाकर समझाइश दी। अगली सुनवाई 11 मार्च 2026 को होगी।
Jabalpur: याचिका का कारण- कार शोरूम में कथित फर्जीवाड़ा
पांडे ने अपनी याचिका में बताया कि वह 2018 से 2025 तक जबलपुर के एक कार शोरूम में अकाउंटेंट थे। इस दौरान उन्हें शोरूम प्रबंधन द्वारा करीब 200 करोड़ रुपए के कथित फर्जीवाड़े की जानकारी मिली।
उन्होंने 2024 में इसकी शिकायत की, जिसके बाद उनके और उनके परिवार पर लगातार हमले होने लगे। पांडे का आरोप है कि उन्हें तीन बार कार से टक्कर मारकर जान से मारने की कोशिश की गई।
Jabalpur: 1 मार्च 2026 हादसा और गर्भपात
पांडे के अनुसार, 1 मार्च 2026 को वह बैकुंठपुर (रीवा) में गर्भवती पत्नी और डेढ़ साल की बेटी के साथ बाइक से जा रहे थे, तभी एक कार ने उन्हें टक्कर मारी। इस हादसे में उनकी पत्नी का गर्भपात हो गया। याचिकाकर्ता ने वही भ्रूण सबूत के तौर पर कोर्ट में लाया।
Jabalpur: सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति को भी भेजी याचिका
दयाशंकर पांडे का कहना है कि लगातार हमलों और कार्रवाई नहीं होने से वह सुप्रीम कोर्ट तक गए हैं और उन्होंने राष्ट्रपति को इच्छा मृत्यु का आवेदन भी भेजा। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति कार्यालय से कार्रवाई के निर्देश आए, लेकिन अभी तक प्रदेश स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
Jabalpur: पांडे का राजनीतिक अनुभव
पांडे ने 2024 में रीवा से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव भी लड़ा था।





