रिपोर्टर:- ऋषभ कुमार
Nawada रजौली प्रखंड की हरदिया पंचायत के स्वच्छताकर्मियों के घरों में इस बार होली की खुशियाँ फीकी पड़ती नजर आ रही हैं। पिछले 18 महीनों से मानदेय (वेतन) का भुगतान न होने के कारण परेशान दर्जनों सफाईकर्मी मंगलवार को प्रखंड कार्यालय पहुंचे और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) संजीव झा के समक्ष अपना दुखड़ा रोया। कर्मचारियों का कहना है कि बिना पैसों के वे बच्चों के साथ रंगों का यह त्यौहार कैसे मनाएंगे?
भुगतान न होने से आक्रोश: बच्चों की पढ़ाई और भोजन पर संकट
Nawada प्रखंड कार्यालय पहुंचे सतीश राजवंशी, गणेश कुमार, बबली देवी और बेबी देवी समेत दर्जनों कर्मियों ने बताया कि वे डेढ़ साल से मानदेय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
- आर्थिक तंगी: वेतन न मिलने के कारण कर्मियों के सामने परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
- शिक्षा प्रभावित: कई कर्मचारियों ने बताया कि पैसों के अभाव में उनके बच्चों की स्कूल की फीस जमा नहीं हो पा रही है, जिससे उनकी पढ़ाई पर संकट मंडरा रहा है।
- आक्रोश: वेतन भुगतान में हो रही देरी को लेकर स्वच्छताकर्मियों ने ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और प्रखंड प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
होली से पहले भुगतान का आश्वासन: बीडीओ ने दिया भरोसा
Nawada स्वच्छताकर्मियों की व्यथा सुनने के बाद बीडीओ संजीव झा ने उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर है और होली के त्यौहार से पूर्व बकाया मानदेय का भुगतान कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बीडीओ ने संबंधित विभाग को निर्देशित किया है कि प्रक्रिया में तेजी लाकर जल्द से जल्द कर्मियों के खाते में राशि हस्तांतरित की जाए।
हक के लिए जारी रहेगा संघर्ष
Nawada भले ही प्रशासन ने आश्वासन दिया है, लेकिन स्वच्छताकर्मियों का कहना है कि वे अब और इंतजार करने की स्थिति में नहीं हैं। सतीश राजवंशी और अन्य साथियों ने स्पष्ट किया कि यदि होली से पहले उनका हक नहीं मिला, तो वे अपने अधिकारों के लिए आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक 18 महीने का बकाया भुगतान नहीं हो जाता, वे चुप नहीं बैठेंगे।





