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Sagar ‘बाबू-सोना’ को चेतावनी: सागर में वैलेंटाइन डे का कड़ा विरोध, लाठियों को ‘तेल’ पिलाकर तैयार हुए संगठन

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Sagar (मध्य प्रदेश): वैलेंटाइन डे से पहले मध्य प्रदेश के सागर जिले में विरोध की सुगबुगाहट तेज हो गई है। जिले के पीली कोठी क्षेत्र में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पाश्चात्य संस्कृति के इस त्योहार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने न केवल विवादित बैनर लगाए हैं, बल्कि सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने की तैयारी भी कर ली है। ‘जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना’ जैसे नारों के साथ युवा पीढ़ी को चेतावनी दी गई है।

पाश्चात्य संस्कृति बनाम सनातन परंपरा: तेल पिलाई जा रही लाठियां

Sagar शिवसेना के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने पहलवान बंबा प्रांगण में एकत्रित होकर अपनी लाठियों को तेल पिलाने की रस्म अदा की। संगठन का कहना है कि यह उनकी तैयारी का हिस्सा है ताकि वे विदेशी संस्कृति के ‘फूहड़पन’ को रोक सकें। कार्यकर्ताओं ने मोटरसाइकिल रैलियां निकालकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि 14 फरवरी को सड़कों या पार्कों में किसी भी प्रकार की ‘अमर्यादित’ गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

‘माता-पिता का लें आशीर्वाद, न मनाएं विदेशी त्योहार’

Sagar शिवसेना राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वैलेंटाइन डे विदेशी संस्कृति की नकल है, जो युवाओं की मानसिकता को दूषित कर रही है। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे इस दिन को किसी दिखावे के बजाय अपने माता-पिता के सम्मान और आशीर्वाद के रूप में मनाएं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उनके कार्यकर्ता शहर के प्रमुख मंदिरों, सार्वजनिक पार्कों, होटलों और रेस्टोरेंट्स पर निगरानी रखेंगे और नियम तोड़ने वालों को ‘सबक’ सिखाया जाएगा।

वैचारिक मतभेद: प्यार का दिन या सभ्यता पर हमला?

Sagar वैलेंटाइन डे को लेकर शहर में दो विचारधाराएं आमने-सामने हैं। जहां एक ओर युवा वर्ग और समर्थक इसे प्रेम की अभिव्यक्ति का एक वैश्विक दिन मानते हैं, वहीं विरोध करने वाले संगठनों का तर्क है कि यह भारतीय सभ्यता का हिस्सा नहीं है। विरोधियों के अनुसार, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर इस दिन होने वाली गतिविधियां सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन करती हैं। फिलहाल, इन चेतावनियों के बाद शहर के सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की मुस्तैदी बढ़ने की संभावना है।

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