Reporter: Sanju Jain, Edit By: Mohit Jain
Bemetara: बेमेतरा जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी प्रक्रिया 31 जनवरी को समाप्त हो गई। हालांकि, इस बार धान खरीदी का सफर किसानों के लिए आसान नहीं रहा। टोकन लिमिट, भौतिक सत्यापन और व्यवस्थाओं में अव्यवस्था ने कई किसानों के चेहरे पर मायूसी ला दी।
Bemetara: किसानों की परेशानी और विरोध प्रदर्शन
जिले में व्यवस्थाओं की कमी के चलते कांग्रेस पार्टी ने लगातार चक्काजाम और विरोध प्रदर्शन किए। छोटे और सीमांत किसानों को टोकन लिमिट और सत्यापन प्रक्रिया में देरी के कारण अपना धान बेचने में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

खरीदी के आंकड़े और लक्ष्य का अंतर
बेमेतरा जिले के 129 उपार्जन केंद्रों से इस वर्ष कुल 1,54,414 किसानों से 85,45,220 क्विंटल धान खरीदा गया। वहीं, प्रशासन का लक्ष्य था 99,36,670 क्विंटल। इसका मतलब है कि कुल खरीदी लक्ष्य से लगभग 14 लाख क्विंटल कम रही।
Bemetara: 10,000 से अधिक किसान वंचित
इस प्रक्रिया में 10,000 से अधिक पंजीकृत किसान ऐसे हैं, जो नियमों की पेचीदगी या अव्यवस्था के कारण अपना धान नहीं बेच पाए। अब सवाल यह उठता है कि बचे हुए किसानों के नुकसान की भरपाई कैसे होगी और क्या प्रशासन उनके लिए कोई वैकल्पिक रास्ता निकालेगा।

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Bemetara: किसानों की मांग
किसानों का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सरलता होनी चाहिए। साथ ही, जो किसान इस बार धान बेचने में असफल रहे हैं, उनके लिए विशेष व्यवस्था और मुआवजा सुनिश्चित किया जाना चाहिए।






