Bareilly उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री के हालिया बयानों ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और UGC के नए नियमों को आधार बनाकर उन्होंने सरकार और सिस्टम पर तीखे प्रहार किए हैं।
“क्या ब्राह्मणों का नरसंहार करना चाहते हैं?” – अग्निहोत्री का तीखा सवाल
Bareilly इस्तीफा देने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या देश में ब्राह्मणों के नरसंहार की पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है? उन्होंने हाल की कुछ घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों के खिलाफ एक अभियान चल रहा है। अग्निहोत्री ने माघ मेले की घटना का जिक्र किया, जहाँ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार हुआ था। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे एक खतरनाक संदेश बताया।
बंधक बनाने की साजिश और इस्तीफे का घटनाक्रम
Bareilly अग्निहोत्री ने दावा किया कि उन्हें सस्पेंड करने की एक सुनियोजित साजिश रची गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएम कार्यालय में उनके खिलाफ आपत्तिजनक बातें की गईं और उन्हें बंधक बनाने की योजना थी। उन्होंने बताया, “जब मुझे इस साजिश की भनक लगी, तो मैंने तुरंत अपने वकील और प्रेस को सूचित किया, जिसके बाद मुझे वहां से जाने दिया गया।” हालांकि, जिला प्रशासन ने इन सभी आरोपों और बंधक बनाने जैसी किसी भी बात को सिरे से खारिज कर दिया है।
UGC के नए नियमों पर आपत्ति और जनप्रतिनिधियों से अपील
Bareilly अग्निहोत्री के विरोध का एक बड़ा कारण UGC के नए नियम भी हैं। उन्होंने 13 जनवरी 2026 के राजपत्र का हवाला देते हुए दावा किया कि ये नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए भेदभावपूर्ण हैं और इससे उनका शोषण बढ़ेगा। उन्होंने ब्राह्मण समाज के सांसदों और विधायकों की चुप्पी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि जनप्रतिनिधि अब भी नहीं जागे और इस्तीफा नहीं दिया, तो समाज को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल और जिला मजिस्ट्रेट को ईमेल के जरिए भेज दिया है।
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