Report: Arvind Chouhan
सोन चिरैया अभयारण्य में तस्करों का दबदबा
Gwalior : घाटीगांव इलाके के सोन चिरैया अभयारण्य में वन विभाग की टीम और लकड़ी तस्करों के बीच आमना-सामना हुआ। खैर के पेड़ों को काटकर तस्कर भारी मात्रा में लकड़ी निकाल रहे थे। वन अमले ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन तस्कर लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भागने में सफल हो गए। इस घटना में लगभग 17 पुराने खैर के पेड़ ठूंठ में बदल गए।

तस्करों की कार और बाइक जब्त, लकड़ी भी बरामद
Gwalior वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तस्कर बड़ी खेप तैयार कर रहे हैं। घाटीगांव रेंजर दीपांशु शर्मा के नेतृत्व में टीम ने देर रात कार्रवाई की। अफरा-तफरी के दौरान तस्करों ने अपनी कार और दो बाइक छोड़ दी, जिन्हें वन विभाग ने जब्त कर लिया। मौके पर करीब 12 क्विंटल खैर की लकड़ी भी बरामद की गई। जांच में पता चला कि यह लकड़ी रामनिवास गुर्जर नामक माफिया की थी।

खैर की लकड़ी की तस्करी पर अंकुश की चुनौती
Gwalior खैर की लकड़ी का बाजार गुजरात और हरियाणा के कत्था कारखानों में ज्यादा है, इसलिए इसकी तस्करी मुनाफे का बड़ा जरिया बन गई है। वन विभाग के अनुसार, तस्करों ने अंधेरे में 16–17 पुराने पेड़ों को काटकर टुकड़े कर दिए। घाटीगांव का जंगल माफिया के लिए अब भी सॉफ्ट टारगेट बना हुआ है। इससे पहले मई 2025 में भी वन विभाग ने यहां बड़ी कार्रवाई की थी। यह घटना दर्शाती है कि माफिया का नेटवर्क इलाके में अब भी सक्रिय है, बावजूद इसके कि वन विभाग ने कई बार बड़ी जब्ती की है।
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