Report by: Sandep Jaiswal, Edit by: Priyanshi Soni
Panchayat Corruption in Kushinagar: कुशीनगर जिले से भ्रष्टाचार की एक ऐसी चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम पंचायत में बिना सड़क बनाए ही सड़क निर्माण पूरा दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान करा लिया गया। फर्जी तस्वीरों, फर्जी रिपोर्ट और अधिकारियों की कथित मिलीभगत से सरकारी धन की खुली लूट की गई, लेकिन हैरानी की बात यह है कि मामला उजागर होने के बावजूद अब तक न कोई जांच शुरू हुई और न ही किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई हुई।
Panchayat Corruption in Kushinagar: बिना सड़क बने ही पूरा दिखा दिया गया काम
पूरा मामला कुशीनगर जिले के खड्डा विकासखंड के ग्राम सभा भैंसहा का बताया जा रहा है। यहां विकास के नाम पर सरकारी धन की बड़े पैमाने पर बंदरबांट का आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण किए बिना ही ऑनलाइन पोर्टल पर काम पूरा दिखा दिया गया और 20 लाख रुपये से अधिक का भुगतान निकाल लिया गया।
यह घोटाला तब सामने आया जब मौजूदा ग्राम प्रधान मोहन भारती ने ग्रामीणों के साथ मिलकर जिले के उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत की।
Panchayat Corruption in Kushinagar: पूर्व प्रधान पर गंभीर आरोप, बैंक खाता और डोंगल कब्जे में रखने का दावा
ग्राम प्रधान मोहन भारती का आरोप है कि गांव के ही पूर्व प्रधान संतोष गुप्ता ने उन्हें गुमराह किया। आरोप है कि पूर्व प्रधान ने उनका बैंक खाता और डोंगल अपने कब्जे में रख लिया और अपना मोबाइल नंबर फीड कर अधिकारियों की कथित मिलीभगत से बिना सड़क बने ही पूरा भुगतान निकलवा लिया।
इतना ही नहीं, ऑनलाइन पोर्टल पर इंटरलॉकिंग सड़क की वास्तविक तस्वीरों के बजाय नीली-पीली, गलत और भ्रामक फोटो अपलोड की गईं, जिन्हें अधिकारियों ने सत्य मानते हुए भुगतान पास कर दिया।
Panchayat Corruption in Kushinagar: शिकायत के बाद भी जांच ठप, अधिकारियों पर सवाल
इस पूरे मामले को लेकर ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी कुशीनगर महेंद्र सिंह तंवर को शपथ पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि महीनों बीत जाने के बाद भी न तो जांच शुरू हुई और न ही किसी दोषी पर कार्रवाई की गई।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शिकायत लिखित रूप में दी जा चुकी है, तो फिर जांच क्यों नहीं हो रही? क्या इस घोटाले में ग्राम विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है? यही वजह बताई जा रही है कि संबंधित अधिकारी मीडिया के कैमरे के सामने आने से भी बचते नजर आ रहे हैं।
Panchayat Corruption in Kushinagar: क्या दब जाएगा मामला या होगी कार्रवाई?
अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच आगे बढ़ती है तो क्या बड़े चेहरे बेनकाब होंगे, और क्या इसी डर से इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है? सवाल यह भी है कि जिला प्रशासन कब तक इस गंभीर मामले पर आंखें मूंदे रहेगा।
क्या ग्राम पंचायत में सरकारी पैसे की इस लूट पर कार्रवाई होगी या फिर भ्रष्टाचार का यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा- इसका जवाब आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई से ही मिलेगा।
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