Reporter: Ravindra Kumar, Edit By: Mohit Jain
Mahakaleshwar Temple: बिजनौर जनपद के शिमली क्षेत्र स्थित प्राचीन महाकालेश्वर महादेव मंदिर में इन दिनों योगेश्वर मुनि जी द्वारा की जा रही जल तपस्या पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
Mahakaleshwar Temple: सुबह 3 बजे से शुरू होती साधना
जानकारी के अनुसार, योगेश्वर मुनि जी प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 3 बजे अपनी तपस्या का आरंभ करते हैं। वे 54 घड़ों के अत्यंत ठंडे जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करते हुए स्वयं स्नान कर कठिन साधना में लीन रहते हैं।

श्रद्धालुओं में आस्था और भक्ति का उफान
कड़ाके की ठंड के बावजूद उनकी यह तपस्या निरंतर जारी है, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे हैं। मंदिर परिसर में प्रतिदिन सुबह-सुबह श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और दूर-दराज़ से लोग दर्शन करने आ रहे हैं।
तपस्या का उद्देश्य
इस जल तपस्या का आरंभ 3 जनवरी से हुआ और यह 24 जनवरी तक चलेगी। कुल 21 दिनों के इस कठिन साधना के दौरान योगेश्वर मुनि जी सनातन धर्म, देश में शांति, सद्भाव और धर्म की विजय के लिए भगवान महाकालेश्वर से निरंतर प्रार्थना कर रहे हैं।

धार्मिक चेतना और सनातन संस्कृति को मजबूत करना
स्थानीय लोगों का कहना है कि महाकालेश्वर महादेव मंदिर प्राचीन काल से ही आस्था का केंद्र रहा है और योगेश्वर मुनि जी की यह तपस्या क्षेत्र में धार्मिक चेतना और सनातन संस्कृति को मजबूत करने का कार्य कर रही है।
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Mahakaleshwar Temple: समापन और विशेष आयोजन
फिलहाल यह जल तपस्या निरंतर जारी है और 24 जनवरी को विधिवत पूर्णाहुति के साथ समाप्त होगी। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।





