रिपोर्ट- प्रमोद श्रीवास्तव
Swadesh Ajenda: देश की सियासत में जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। वजह है कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का तंज, जिसने राजनीतिक पारा एक बार फिर चढ़ा दिया है। दरअसल ये बयान उस वक्त आया जब लोकसभा में बहस के दौरान कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने थीं। बीजेपी की ओर से मोर्चा संभाल रहे अमित शाह ने राहुल गांधी के राजनीतिक सफर और लगातार चुनावी हारों पर सीधा वार किया। यही बात उन्होंने अहमदाबाद में जनसभा में भी कही, अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी थकना मत… अभी आपको और हारना है। शाह ने कहा कि राहुल बाबा को हार से थकना नहीं चाहिए क्योंकि कांग्रेस की राजनीति में हार अब अपवाद नहीं, परंपरा बन चुकी है। अब अमित शाह का ये बयान सिर्फ एक तंज नहीं बल्कि कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सीधा हमला माना जा रहा है। बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार जनता का भरोसा खो रही है। 2014 और 2019 लोकसभा चुनाव, कई राज्यों में सत्ता से बाहर, विधानसभा चुनावों में लगातार लग रहे झटके… बीजेपी नेताओं का दावा है कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, वहां कांग्रेस की हार तय हो जाती है। यही वजह है कि बीजेपी अब राहुल फैक्टर को अपने लिए फायदेमंद बता रही है। इस मुद्दे पर पलटवार कांग्रेस का भी है। अब सवाल यही है कि क्या अमित शाह का ये तंज बीजेपी के आत्मविश्वास की झलक है या फिर आने वाले चुनावों से पहले सियासी दबाव की रणनीति ? लेकिन ये तय है कि राहुल गांधी और अमित शाह की ये जुबानी जंग आने वाले दिनों में और तेज होने वाली है।

Swadesh Ajenda: एक दशक से ज्यादा का वक्त….. कांग्रेस सत्ता से बाहर है….. कांग्रेस ने इस दौरान कई राज्यों से भी सत्ता अपने हाथ से गंवाई है…. देश की सत्ता में कांग्रेस की वापसी कब होगी, कुछ कहा नहीं जा सकता, क्योंकि 2047 में विकसित भारत का संकल्प लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी टीम बड़ी चुनौती है। दावा ये भी कि 2029 के लोकसभा चुनावों में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा विजयी होगी….लेकिन भाजपा के दिग्गज नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह…. राहुल गांधी को कांग्रेस की हार की वजह भी बता रहे हैं और जीत का मंत्र भी दे रहे हैं…..तंज कस रहे हैं कि राहुल बाबा आप हारते-हारते थकना नहीं, अभी तो आपको और हारना है। क्योंकि आगे भी तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को हारना है।
Swadesh Ajenda: अब इसे अमित शाह का आत्मविश्वास और मोदी सरकार की नीयत और नीतियां ही कहेंगे कि दावा 2029 में देश में भाजपा की जीत का है। लेकिन अमित शाह….राहुल को नसीहत भी दे रहे हैं, भाजपा की कामयाबी का मंत्र बता रहे हैं…..कह रहे हैं कि हमारी कामयाबी की वजह है कि लोग हमारे सिद्धांतों से जुड़े हुए हैं। राम मंदिर, अनुच्छेद 370 को हटाना, आतंकवादियों पर सर्जिकल स्ट्राइक, तीन तलाक विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता और बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकालने के हमारे अभियान का कांग्रेस ने विरोध किया। शाह कहते हैं कि यदि आप लोगों की पसंद की खिलाफत करेंगे तो आपको वोट कैसे मिलेंगे ?
Swadesh Ajenda: अमित शाह का बयान ऐसे वक्त आया है जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल दोनों ही राज्यों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं, क्योंकि दोनों राज्यों में 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इनके साथ ही असम, केरल और पुडुचेरी में भी चुनाव होने की संभावना है और साल 2029 में लोकसभा चुनाव। अब अमित शाह जो भी कहें लेकिन कांग्रेस शाह के बयान को आड़े हाथों ले रही है।
Swadesh Ajenda: बहरहाल अब जिस तरह से देश में कांग्रेस ने अपना सियासी जनाधार खोया है। वापसी करना मुश्किल हैं लेकिन नामुमकिन नहीं…. कांग्रेस नेता राहुल गांधी SIR, वोट चोरी याने चुनाव में धांधली के तथाकतिथ आरोप और देश के उद्योगपतियों के नाम लेकर मोदी सरकार को घेरने में भी लगे हुए हैं। लेकिन बंगाल और तामिलनाडु जैसे राज्यों में चुनाव के साथ ही 2029 का रोडमैप, बीजेपी का भी सेट है। ऐसे में देखना ये होगा कि राहुल गांधी 2029 तक थकते हारते हैं या बीजपी को पछाड़ते हैं।
2024 के लोकसभा चुनावों से पहले राहुल गांधी ने दो प्रमुख राष्ट्रव्यापी यात्राएं निकालीं, एक तो भारत जोड़ो यात्रा और दूसरी भारत जोड़ो न्याय यात्रा, इन यात्राओं का उद्देश्य जनता से सीधा संवाद करना और कांग्रेस पार्टी के चुनावी आधार को मजबूत करना था।जिसके बाद राहुल गांधी ने 2025 को कांग्रेस के लिए ‘सांगठनिक सुधारों का वर्ष’ घोषित किया है। उन्होंने जिला कांग्रेस समितियों DCCs को सशक्त बनाने और सक्रिय नेताओं को आगे लाने के लिए ‘संगठन सृजन अभियान’ शुरू किया। लेकिन इन सबका कुछ खास असर जमीन पर होता नजर नहीं आया। साल 2024 के आम चुनाव में बढ़त के बावजूद, 2025 में कांग्रेस को हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों के विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है।इसी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को निशाने पर लिया, लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी की तरफ से पूछे गए एक सवाल पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में जनसभा के दौरान चुटकी ली। शाह ने कहा कि राहुल गांधी को जनता से पूछना चाहिए था कि हर चुनाव, वो क्यों हार जाते हैं और उन्होंने पूछ मुझसे लिया। तंज कसते हुए अमित शाह ने ये भी कहा कि राहुल गांधी अभी आप हारते-हारते थकना नहीं, अभी तो आपको और हारना है। क्योंकि आगामी तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस की हार निश्चित है। शाह ने कहा कि राहुल गांधी को विकास का सरल लॉजिक समझाना उनकी क्षमता से बाहर है, क्योंकि खुद कांग्रेस के नेता भी उन्हें यह समझाने में विफल रहे हैं।





