Bijapur news: सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में 5 लाख का इनामी माओवादी ढेर

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Bijapur news naxali encounter

रिपोर्ट: कुशल चोपड़ा

Bijapur news: बीजापुर जिले के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत इंद्रावती इलाके के जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ की खबर सामने आई है। इस मुठभेड़ में अब तक हथियारों के साथ एक माओवादी का शव बरामद किया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आदवाड़ा–कोटमेटा के जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) बीजापुर द्वारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। इसी दौरान शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे से सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी है।

Bijapur news: हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद

सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से एक माओवादी का शव बरामद किया गया है। मौके से .303 राइफल, 9 एमएम पिस्टल, विस्फोटक सामग्री और माओवादी साहित्य भी जब्त किया गया है।

Bijapur news: मारे गए माओवादी की पहचान

पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए माओवादी की पहचान फगनू माड़वी (उम्र 35 वर्ष) निवासी गोरना, थाना बीजापुर, के रूप में हुई है। वह भैरमगढ़ एरिया कमेटी का एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) था और उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल पूरे क्षेत्र में सतर्कता बरत रहे हैं।

जनवरी 2025 से अब तक का सरेंडर का आंकड़ा

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जनवरी 2025 से अब तक नारायणपुर जिले में कुल 298 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।

  • इन आत्मसमर्पणों में शामिल हैं.
  • इनामी कैडर नक्सली
  • महिला माओवादी
  • स्थानीय मिलिशिया सदस्य
  • एरिया कमेटी और प्लाटून स्तर के कैडर
  • अलग-अलग तिथियों में हुए इन आत्मसमर्पणों के पीछे मुख्य कारण रहे—
  • सुरक्षा बलों का लगातार दबाव
  • जंगलों में भोजन, इलाज और सुरक्षा की कमी
  • संगठन के भीतर शोषण और भेदभाव
  • सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति
  • शिक्षा, रोजगार और मुख्यधारा से जुड़ने की इच्छा

पुलिस का फोकस

पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में सघन सर्चिंग अभियान लगातार चलाया जा रहा है। साथ ही, नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए संवाद, पुनर्वास और सामाजिक योजनाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी माओवादियों के आत्मसमर्पण की संभावना है, जिससे जिले में शांति और विकास का रास्ता और मजबूत होगा।