BY: Yoganand Shrivastva
Indore news: इंदौर क्राइम ब्रांच ने नकली नोटों के कारोबार से जुड़े एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए नकली नोटों की खरीद-फरोख्त में शामिल था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने 45 नकली नोट, एक प्रिंटर और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल जब्त किया है।
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के निर्देशन में टीम ने बाणगंगा निवासी अंकित बोरासी को पकड़ा। इससे पहले इस मामले में ऋषिकेश टोंडे, वंश केथवास, रितेश नागर और अंकुश यादव को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने अंकित की भूमिका उजागर की थी। पुलिस के अनुसार अंकित के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है।
इंस्टाग्राम से तय होती थी डील
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने इंस्टाग्राम के माध्यम से गुजरात के एक युवक से संपर्क किया था। बातचीत में 50 हजार रुपये के नकली नोट के बदले 20 हजार रुपये लेने की डील तय हुई थी। इसी युवक ने नकली नोट छापने की प्रक्रिया और उपयोग होने वाले केमिकल की जानकारी भी दी थी।
दो लाख रुपये के नकली नोट मंगवाए
पुलिस का कहना है कि गिरोह ने करीब दो लाख रुपये मूल्य के नकली नोट मंगवाए थे, जिनकी डिलीवरी झाबुआ के आसपास कराई गई थी। इसके बाद आरोपियों ने इन नोटों को बाजार में चलाने की योजना बनाई थी, लेकिन उससे पहले ही क्राइम ब्रांच को सूचना मिल गई और कार्रवाई कर गिरोह को पकड़ लिया गया।
गुजरात के तस्कर की तलाश जारी
नकली नोट गुजरात के जिस युवक के जरिए इंदौर पहुंचे थे, उसकी तलाश अभी जारी है। क्राइम ब्रांच आरोपियों से पूछताछ कर उसकी लोकेशन और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस का मानना है कि उसके पकड़े जाने के बाद पूरे गिरोह से जुड़े बड़े खुलासे हो सकते हैं।





