BY
Yoganand Shrivastava
Mirzapur : उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद में मंगलवार की शाम प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया। अचानक आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में अब तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 17 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है। प्रशासन ने पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी कर राहत बचाव कार्य तेज कर दिया है।
Mirzapur अस्पताल से लेकर गांवों तक तबाही का मंजर
आंधी का वेग इतना अधिक था कि जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर एक विशाल पेड़ धराशायी हो गया, जिसकी चपेट में आने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कछवां और अनंतपुर जैसे ग्रामीण इलाकों में भी भारी नुकसान की खबरें हैं। कछवां में पेड़ गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि अनंतपुर में बिजली का पोल गिरने से एक व्यक्ति जख्मी हुआ है। कई स्थानों पर टीन शेड उड़कर बाजारों में जा गिरे, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
Mirzapur परिवहन और संपर्क मार्ग पूरी तरह ठप
तूफान के कारण जिले की परिवहन व्यवस्था चरमरा गई है। कलवारी-लालगंज मार्ग पर कई पेड़ गिरने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, जिसे जेसीबी की मदद से साफ कराया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से शास्त्री सेतु (ब्रिज) पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है, जिससे पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। इसके अलावा, तेज हवाओं के कारण एक पीपा पुल भी टूट गया है, जिससे कई गांवों का मुख्य संपर्क मार्ग कट गया है।
Mirzapur बिजली-पानी का संकट और अधिकारियों की सक्रियता
आपदा के बाद बिजली के तार टूटने से पूरे जिले की विद्युत आपूर्ति ठप है, जिसका सीधा असर जलापूर्ति पर पड़ा है। कछवां नगर पंचायत सहित कई इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। इसी बीच, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और सिटी मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने फील्ड में उतरकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया और अस्पताल में भर्ती घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए।





