BY: Yoganand Shrivastva
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में उस समय अजीबो-गरीब स्थिति बन गई, जब संसद के फर्श पर गिरे 50 हजार पाकिस्तानी रुपये के 10 नोट स्पीकर अयाज सादिक के हाथ लग गए। स्पीकर ने जब सदन में ये नोट लहराते हुए पूछा कि यह रकम किसकी है, तो देखते ही देखते लगभग 12 सांसदों ने एक साथ हाथ खड़े कर दिए। इस नजारे ने पूरे सदन को हंसी-ठहाकों में बदल दिया और कुछ देर के लिए कार्यवाही भी रोकनी पड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्पीकर ने मजाकिया लहजे में कहा कि नोट तो सिर्फ 10 हैं, लेकिन दावेदार 12 निकल आए। इस पर सदन में जोरदार ठहाके गूंज उठे। मामला इतना दिलचस्प था कि इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे।
बाद में जांच में पता चला कि ये सभी नोट पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के सांसद मोहम्मद इकबाल अफरीदी के थे। जब सच्चाई सामने आई तो सदन का माहौल कुछ शांत हुआ, लेकिन तब तक यह मामला सोशल मीडिया पर मजाक और आलोचना दोनों का विषय बन चुका था।
सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना को संसद की गरिमा से जोड़ते हुए तीखी टिप्पणी की। कुछ लोगों ने इसे शर्मनाक करार दिया, तो कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि लाखों की तनख्वाह और सुविधाएं लेने वाले जनप्रतिनिधि इतनी छोटी रकम के लिए भी कैसे झूठा दावा कर सकते हैं। कुछ लोगों ने तो यह मांग भी की कि जिन सांसदों ने गलत तरीके से हाथ उठाया, उनके खिलाफ संसदीय कार्रवाई होनी चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पाकिस्तान की राजनीति और संसद की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां एक मामूली रकम भी बड़े तमाशे का कारण बन गई।





