BY: Yoganand Shrivavastva
कानपुर। जीवन बीमा के भरोसे को तोड़ने वाला एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के नाम पर फर्जीवाड़ा कर करीब 25 लाख रुपए की चपत लगाने वाला फरार एजेंट आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। कोतवाली पुलिस ने पांच साल से फरार चल रहे आरोपी एलआईसी एजेंट फैजान खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि फैजान खान ने काल्पनिक लोगों के नाम पर दर्जनों बीमा पॉलिसियां कराईं। इन पॉलिसियों में उसने खुद को या अपने साथियों को नॉमिनी बना दिया। इसके बाद फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र तैयार कराकर एलआईसी में क्लेम लगाया गया और बड़ी रकम हड़प ली गई। इस तरह आरोपी ने बीमा कंपनी को करीब 25 लाख रुपए का नुकसान पहुंचाया।
यह मामला वर्ष 2020 का है, जब एलआईसी कानपुर नगर शाखा-2 के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक कैलाश नाथ ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि फैजान खान ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित साजिश के तहत पहले फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कराए। फिर इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाए गए और उन पर बीमा पॉलिसियां कराई गईं।
कुछ समय बाद यह दिखाया गया कि पॉलिसीधारकों की मौत हो गई है और फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र लगाकर बीमा क्लेम हासिल कर लिया गया। जब एलआईसी को शक हुआ और जांच शुरू की गई तो मामला खुल गया, जिसके बाद तुरंत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
मुकदमा दर्ज होने के बाद फैजान खान फरार हो गया था और करीब पांच साल तक पुलिस को चकमा देता रहा। इस दौरान उसने बीमा का काम छोड़कर एक बड़े मॉल में सामान्य कर्मचारी के तौर पर नौकरी शुरू कर दी थी। उसे लग रहा था कि मामला ठंडे बस्ते में चला गया है, लेकिन पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
कोतवाली थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस गिरोह से जुड़े फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाने वाले एमए सिद्दीकी और मोहम्मद इश्तियाक पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और यह भी आशंका है कि आरोपी ने कानपुर के अलावा आसपास के जिलों में भी इसी तरह की धोखाधड़ी को अंजाम दिया हो। वहीं एलआईसी अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि ऐसे फर्जी एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम लोगों का विश्वास सुरक्षित रह सके।





