Dhar Bhojshala News: इंदौर, लंबे समय से चले आ रहे धार भोजशाला विवाद पर आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि भोजशाला परिसर एक मंदिर है.
Madhya Pradesh High Court ने भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी Archaeological Survey of India (ASI) को सौंपी है। साथ ही अदालत ने हिंदू पक्ष को यहां पूजा-अर्चना का अधिकार भी दिया है।
मुस्लिम पक्ष लंबे समय से इसे कमाल मौला मस्जिद बताता रहा है। कोर्ट ने अपने फैसले में मुस्लिम पक्ष से कहा है कि वह मस्जिद के लिए सरकार से अलग जमीन की मांग कर सकता है।
Dhar Bhojshala News : कोर्ट में हिंदू पक्ष ने क्या कहा ?
कोर्ट में हिंदू पक्ष की ओर से दलील दी गई कि भोजशाला पर प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट लागू नहीं होता, क्योंकि यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक है। पक्षकारों ने बताया कि प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम 1951 की सूची में भोजशाला दर्ज है।
हिंदू पक्ष ने यह भी कहा कि वर्ष 2024 में अश्विनी उपाध्याय मामले में दिए गए न्यायिक निर्णय को भोजशाला विवाद में लागू नहीं किया जा सकता। साथ ही 7 अप्रैल 2003 को ASI द्वारा जारी आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए कोर्ट से आग्रह किया गया कि भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय कर इसे पूरी तरह हिंदू समाज को सौंपा जाए, ताकि यहां मां सरस्वती की पूजा, हवन और धार्मिक अनुष्ठान सालभर बिना किसी रोक-टोक के किए जा सकें।
Dhar Bhojshala News : मुस्लिम पक्ष की दलील
मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि भोजशाला मंदिर है, मस्जिद है या जैन धर्म से जुड़ा स्थल। उन्होंने तर्क दिया कि विवादित स्थल का धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट के पास है, जबकि हाईकोर्ट अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका पर सुनवाई कर रहा है।
वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता ने ASI सर्वे पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रस्तुत वीडियोग्राफी स्पष्ट नहीं थी और रंगीन तस्वीरें भी उपलब्ध नहीं कराई गईं। उन्होंने अयोध्या मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां रामलला विराजमान की मूर्ति मौजूद थी, जबकि भोजशाला परिसर में कोई स्थापित प्रतिमा नहीं है।
जैन समाज ने भी जताया दावा
जैन समाज की ओर से कहा गया कि जिस प्रतिमा को मां वाग्देवी बताया जा रहा है, वह वास्तव में जैन समुदाय की आराध्य देवी मां अंबिका की प्रतिमा है। पक्षकारों ने दावा किया कि Sehore स्थित मां अंबिका मंदिर में भी इसी प्रकार की प्रतिमा स्थापित है।

Dhar Bhojshala News: धार प्रशासन अलर्ट मोड पर
Dhar में भोजशाला मामले को लेकर पहले ही प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर Rajeev Ranjan Meena और एसपी Sachin Sharma लगातार शहर की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। दोनों अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और न्यायालय के फैसले का सम्मान करने की अपील की है।
पुलिस प्रशासन ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस द्वारा लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

Dhar Bhojshala News: आज जुमे की नमाज भी
शुक्रवार होने के कारण आज जुमे की नमाज भी अदा की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब 1:30 बजे से 3 बजे के बीच मुस्लिम समुदाय के लोग कमाल मौला मस्जिद में नमाज अदा करेंगे। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
Dhar Bhojshala News: हिंदू संगठनों ने शुरू किया पूजन
दूसरी ओर हिंदू संगठनों द्वारा भी सुबह से धार्मिक कार्यक्रम शुरू कर दिए गए हैं। भोज उत्सव समिति और कई हिंदू संगठन महिलाओं के साथ भोजशाला के पास स्थित ज्योति मंदिर में एकत्र हुए, जहां हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है।
दोनों समुदायों के धार्मिक कार्यक्रमों और संभावित फैसले को देखते हुए प्रशासन के सामने शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

Dhar Bhojshala News: धार में सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू
कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने जिलेभर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने होटल और लॉज संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे आने वाले लोगों का रिकॉर्ड रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह आदेश 5 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगा।

