संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
मुरैना: जनकपुर शूट-आउट मामले में कोर्ट में सरेंडर होने आये दो बदमाशो को पुलिस ने कोर्ट परिसर के बाहर ही दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियो में से एक वही मोस्ट वांटेड बदमाश है, जिसको पकड़ने के लिए ग्वालियर पुलिस जनकपुर गांव पहुंची थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अरेस्ट करने के बाद आज कोर्ट में पेश कर 3 दिन की पीआर पर लिया है। फरारी के दौरान बदमाशो ने राजस्थान के बीहड़ में शरण ली थी।
जानकारी के अनुसार सिविल लाइन थाना क्षेत्र की हद में आने वाले जनकपुर गांव में विगत 4 दिसम्बर को महाराजपुरा थाना पुलिस फरारी बदमाश हददू गुर्जर को पकड़ने गई थी। यहां पर बदमाश हददू गुर्जर ने अपने भाई गौरव गुर्जर के अलावा एक दर्जन से अधिक बदमाशो के साथ पुलिस पार्टी पर हमला बोल दिया था। फायरिंग के दौरान आरक्षक अनिल तोमर पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में फरारी बदमाश सहित एक दर्जन से अधिक नामजद आरोपियो के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दविश देना शुरू कर दिया था। पुलिस ने घटना के बाद तीन दिन में जनक पुर से लेकर धौलपुर जिले तक करीब एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर रेड की, लेकिन बदमाश उसके हाथ नाहन लगे। पुलिस की दविश से घबरा कर फरारी बदमाश हददू गुर्जर अपने साथी अंकेश को लेकर मंगलवार को मुरैना कोर्ट में सरेंडर होने पहुंच गया। यहां पर केस डायरी उपलब्ध नहीं होने की बजह से कोर्ट ने उनको वापिस कर दिया। बदमाश जैसे ही कोर्ट परिसर से बाहर निकले, पहले से घात लगाकर बैठे पुलिसकर्मियों ने उनको दबोच लिया। पुलिस ने आज बदमाशो को कोर्ट में हाजिर करने के बाद पीआर पर लिया है। पुलिस के अनुसार फरारी के दौरान बदमाश धौलपुर की सीमा में बीहड़ में शरण लेकर छिपे हुए थे।





