नई दिल्ली: अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती समारोह का आयोजन मावलंकर हॉल, कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि परमपूज्य स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
मंच पर कई संत–महंत, आचार्य और सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

स्वामी चक्रपाणि जी महाराज का संबोधन
महाराज जी ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा-
“मुगलों द्वारा नष्ट किए गए हजारों मंदिरों का पुनर्निर्माण अहिल्याबाई होलकर ने किया।
वे धर्मरक्षा की देवी थीं। देश और सत्ता में बैठे लोगों को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा-
“धर्म सुरक्षित होगा तो देश सुरक्षित रहेगा।”
सभा में जोरदार तालियाँ गूँज उठीं।
महाराज जी ने यह भी कहा कि-
“अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा संसद भवन में लगनी चाहिए

और भारतीय मुद्रा पर उनका चित्र होना चाहिए।”
मुख्य उपस्थिति
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख संत और अतिथि:
स्वामी संजय महाराज जी
आचार्य विवेक मुनि जी
संत राधा दमोदर दास जी
आचार्य शैलेश तिवारी जी
शिवऔम मिश्र जी आदि उपस्थित थे
शांति प्रसन्न देव शर्मा जी ने कार्यक्रम का संचालन किया
आयोजन समिति के प्रमुख सदस्य
हरिश कोहली – संरक्षक
जितेन्द्र कुमार मुखी – संस्थापक व सचिव
कुमार मनोज सिंह – उपाध्यक्ष
मनोज कुमार – अध्यक्ष
कुणाल किशोर चौधरी – महासचिव
सुधीर कुमार दास – पदाधिकारी
संजय कुमार झा – युवा सचिव
जीव कान्त झा – सह संयोजक
धीरज जयरसवाल – सदस्य
अन्य सभी समर्पित कार्यकर्ता
स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने आयोजन समिति को उत्कृष्ट कार्यक्रम के लिए बधाई दी। कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय की शिखा जी वरिष्ठ पत्रकार सुमन ओझा जी और वरिष्ठ पत्रकार निगम पांडे भी उपस्थित थे
महाराज जी का आशीर्वचन
“अहिल्याबाई होलकर नारीशक्ति, धर्मरक्षा और राष्ट्रसेवा की अमर प्रेरणा हैं।
उनसे प्रेरणा लेकर ही भारत धर्मनिष्ठ और तेजस्वी बन सकता है।”
सभा में सामूहिक उद्घोष हुआ-
“धर्म की जय! सनातन की जय!” कार्यक्रम में हजारों लोग उपस्थित थे ,





