Khairagarh Artists : तेलंगाना शासन के आमंत्रण पर पहुंचे खैरागढ़ के कलाकार, अपनी उत्कृष्ट कला से बटोरी खूब वाहवाही
Khairagarh Artists : तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद का प्रसिद्ध ‘शिल्परामम’ छत्तीसगढ़ी लोककला के रंग में सराबोर नजर आया। तेलंगाना शासन के विशेष आमंत्रण पर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के सांस्कृतिक दल ने वहां आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव में हिस्सा लिया। कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला और जीवंत संस्कृति की ऐसी शानदार प्रस्तुति दी कि वहां मौजूद हर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गया।

Khairagarh Artists : राष्ट्रीय मंच पर गूंजे छत्तीसगढ़ी लोकगीत और लोकनृत्य
इस दो दिवसीय राष्ट्रीय उत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में कला प्रेमी और दर्शक पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान जब खैरागढ़ की टीम ने छत्तीसगढ़ी लोकनृत्यों, पारंपरिक लोकगीतों और क्षेत्रीय रीति-रिवाजों पर आधारित प्रस्तुतियां दीं, तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कलाकारों ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर प्रदर्शित किया।

Khairagarh Artists : इन कलाकारों ने अपनी कला से बटोरी खूब वाहवाही
इस गरिमामयी आयोजन में खैरागढ़ जिले के कई जाने-माने और नवोदित कलाकारों ने मंच साझा किया। अपनी उत्कृष्ट कला से दर्शकों का दिल जीतने वाले कलाकारों में प्रमुख रूप से शामिल रहे :
टेकराम वर्मा, डॉ. वेदांत सिंह, चंद्रप्रकाश साहू और सूरज कुमार ठाकुर।
सिद्धार्थ दिवाकर, डेहरु बंजारे, सनत, करण ताराम एवं वेदप्रकाश।
महिला कलाकारों में ग्रीति, खुशबू, प्रीति, खुलेश्वरी, हेमपुष्पा और साक्षी।
Khairagarh Artists : टेकराम वर्मा के नेतृत्व में कलाकारों ने बढ़ाया प्रदेश का मान
इस पूरे सांस्कृतिक दौरे और भव्य कार्यक्रम का सफल नेतृत्व विख्यात कलाकार टेकराम वर्मा ने किया। उनके कुशल मार्गदर्शन में टीम के सभी कलाकारों ने बेहद अनुशासित, सधे हुए और आकर्षक अंदाज में प्रस्तुतियां दीं। इस शानदार प्रदर्शन के जरिए दल ने न केवल खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। हैदराबाद के इस मंच पर मिली बड़ी सफलता के बाद जहां राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति की जमकर सराहना हो रही है, वहीं इस उपलब्धि से जिले के कलाकारों और क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह और हर्ष का माहौल है।





