संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
मुरैना: कोर्ट के आदेश से आज प्रताप नगर में जेसीबी से 6 मकान ध्वस्त कर 7 आरे सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई है। इस जमीन पर लोगों ने पक्के मकान बनाकर सरकारी रास्ता बंद कर दिया था। इससे लोग पिछले 9 साल से परेशान हो रहे थे। कंटेप्ट ऑफ कोर्ट की शिकायत के बाद कलेक्टर के निर्देश पर यह कार्यवाही की गई।
जानकारी के अनुसार कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम मुरैना भूपेंद्र कुशवाह अपने साथ तहसीलदार एसआर वर्मा तथा नगर निगम के मदाखलत अमले को लेकर आज सुबह सर्किट हाउस के पीछे प्रताप नगर में पहुंचे। यहां पर उन्होंने बुल्डोजर से एक-एक कर राकेश शशिकांत, राजेन्द्र कुशवाह, सोवरन कुशवाह, दीपक, पंकज तथा अनिल के मकान तोड़े। ये मकान सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाये गए थे। स्थानीय निवासी बहादुर सिंह परिहार पिछले 9 साल से इसकी शिकायत करते आ रहे थे। नगर निगम कमिश्नर, तहसीलदार तथा कलेक्टर के यहां सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने ग्वालियर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने अपनी याचिका में उल्लेख किया कि, कुछ लोगों ने पक्के मकान बनाकर 7 आरे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर रास्ता बंद कर दिया है। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने रास्ता साफ करवाने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया था। हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी कार्यवाही नहीं हुई तो उन्होंने कोर्ट ऑफ कंटेप्ट के तहत एक शिकायती आवेदन जिला कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ को दिया। कलेक्टर के निर्देश पर आज बुल्डोजर से मकान तोड़ने की कार्यवाही की गई। कार्यवाही के दौरान टीआई सिबिल लाइन सहित बड़ी संख्या में पुलिस फ़ोर्स मौजूद रहा।
पटवारी को पैसे नहीं दिए तो रंजिशन रजिस्ट्री की जगह पर भी चला दिया बुल्डोजर
मकान मालिक सोवरन कुशवाह ने मकान की रजिस्ट्री दिखाते हुए कहा कि, उसका मकान रजिस्ट्री की जगह पर बना है। उसने अपनी जगह के अलावा एक इंच भी सरकारी जगह पर कब्जा नहीं किया है। कुछ माह पहले मौजा पटवारी उनके पास आया था। उसने सरकारी जगह की नापतोल करने के बाद 50 हजार रुपये की डिमांड की थी। पटवारी ने कहा कि, पैसे दे दो तो ठीक है, नहीं तो मकान तुड़वा दूंगा। हमने पैसे नहीं दिए तो आज मकान तोड़ दिए गए।





