बाल दिवस: छत्तीसगढ़ में रचनात्मकता और देशभक्ति की गूंज, कई स्कूलों में रंगारंग कार्यक्रम और आनंद मेला का आयोजन

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Children's Day: Creativity and patriotism resonate in Chhattisgarh, with many schools organising colourful programmes and Anand Mela.

रिपोर्ट- बेमेतरा: संजू जैन, मरवाही: प्रयास कैवर्त, नरहरपुर: चंद्रभान साहू

बाल दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में विद्यालयों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं और आनंद मेलों का शानदार आयोजन किया। बच्चों की प्रतिभा, रचनात्मकता और उत्साह पूरे दिन माहौल को जीवंत बनाए रखे।

बेमेतरा: स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में आनंद मेला, बच्चों ने लगाए आकर्षक स्टॉल

वार्ड क्रमांक 21 स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल राठी में बाल दिवस पर भव्य आनंद मेला आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा, पार्षद लक्की साहू, सेजेस राठी, प्राचार्य सुदेशा चटर्जी सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे। बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और भजिया, पानीपुरी, भेल सहित कई तरह के स्टॉल लगाए। अतिथियों ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण कर बच्चों की मेहनत और रचनात्मकता की सराहना की।
अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, प्रबंधन, टीमवर्क और संवाद कौशल विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

नरहरपुर: हाई स्कूल सारवण्डी में जागरूकता कार्यक्रम और सांस्कृतिक गतिविधियाँ

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सारवण्डी में बाल दिवस पर विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। पुलिस विभाग के अधिकारियों ने छात्रों को बाल अपराध, बाल संरक्षण, बाल विवाह रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूक किया।
साइबर फोरेंसिक विशेषज्ञ ने छात्रों को मोबाइल के सुरक्षित उपयोग और दुरुपयोग से होने वाले खतरों के बारे में विस्तार से बताया। स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य गतिविधियों में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मरवाही: बाल दिवस पर रंगोली, स्टॉल और वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ पर देशभक्ति का जोश

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय सिवनी, कन्या प्राथमिक विद्यालय और कन्या माध्यमिक विद्यालय सिवनी में बाल दिवस पर भव्य आयोजन किए गए। छात्राओं ने विभिन्न थीमों पर आकर्षक रंगोलियां बनाईं। बच्चों द्वारा लगाए गए हस्तनिर्मित वस्तुओं और कला-कृतियों के स्टॉल ने सबका ध्यान खींचा। कार्यक्रम में विशेष आकर्षण रहा, वंदेमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित देशभक्ति प्रस्तुतियाँ, जिसमें बच्चों ने समूह गान, पोस्टर और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रगीत के इतिहास और महत्व को उजागर किया। शिक्षकों और अतिथियों ने बच्चों की सराहना करते हुए उन्हें संस्कार, सृजनात्मकता और देशप्रेम की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

बाल दिवस पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों ने साबित कर दिया कि बच्चों की ऊर्जा, प्रतिभा और देशभक्ति का कोई मुकाबला नहीं। चाहे आनंद मेला हो, रंगोली प्रतियोगिता, सांस्कृतिक आयोजन या जागरूकता कार्यक्रम, हर जगह बच्चों की भागीदारी ने उत्सव को यादगार बना दिया।

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