by: vijay nandan
दिल्ली: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता यात्रा आज से प्रारंभ हो गई है। राष्ट्रगान के साथ दिल्ली के छतरपुर कात्यायनी माता मंदिर से ये यात्रा शुरू हो गई है। यात्रा में सैकड़ों वीवीआईपी साधु संत और अलग-अलग विधा के ख्याति प्राप्त लोग शामिल हैं। बताया जाता है कि पदयात्रा के लिए लगभग 40 हजार लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यह यात्रा तीन राज्य दिल्ली, हरियाणा और उत्तरप्रदेश से होते हुए वृंदावन पहुंचेगी। ये यात्रा 7 नवंबर से 16 नवंबर तक है। बाबा बागेश्वर 10 दिनों तक रोजाना 15 किलोमीटर दूरी तक पदयात्रा करेंगे। इस पदयात्रा का रूट मैप और विभिन्न पड़ावों की रूपरेखा भी सार्वजनिक कर दी गई है।

#WATCH | दिल्ली: सनातन हिंदू एकता पदयात्रा पर आध्यात्मिक गुरु एवं बागेश्वर धाम के सरकार्यवाह आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा, "…लाखों सनातनी आज सड़कों पर हैं, हिंदू एकता व हिंदू राष्ट्र के लिए। यह देश एक नया अध्याय लिख रहा है। यह एक वैचारिक यात्रा है… सनातनियों को एक करने के… pic.twitter.com/jb1O7yb0FD
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 7, 2025
यात्रा को लेकर पं. धीरेंद्र शास्त्री क्या बोले?
पदयात्रा को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि ‘ये पदयात्रा 80 करोड़ लोगों की है और 150 करोड़ लोगों के हितों के लिए है. देश में रहने वाला हर आदमी सनातनी है. यह यात्रा हिंदुओं में एकता और जागरूकता लाने का प्रयास है न कि किसी राजनीतिक विरोध या मांग का हिस्सा. कोई व्यक्ति पदयात्री का भेष बनाकर उपद्रव न कर दे इसके लिए वह चिंतित है. यात्रा तीन प्रदेशों दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होकर जाएगी. यह बालाजी और बांके बिहारी के मिलन की यात्रा है. आज हिंदू जातिवाद और क्षेत्रवाद में बंटता जा रहा है, जिससे भविष्य में अन्य मजहबों का आधिपत्य बढ़ सकता है. हमारी चिंता बस यही है कि हिंदू एकजुट रहें. उन्होंने कहा ‘यह जमीनी लड़ाई है. देश का बंटवारा 1947 में विशेष मजहब के लोगों की मान्यता पर हुआ था. हमें सिर्फ इस बात की चिंता है कि हिंदू किसी विभाजन में फिर से न फंस जाए, जैसे जातिवाद का बंटवारा हुआ या क्षेत्रवाद का हुआ, तो हिंदू एकदम घट जाएगा. दूसरी संस्कृति और मजहब के लोग इस देश पर आने वाले भविष्य में अपना आधिपत्य जमाएंगे. हम चाहते हैं कि हिंदू एक हों और हिंदुओं में एकता हो. इसी अपेक्षा के लिए हमारी वैचारिक लड़ाई है, वैचारिक यात्रा है, वैचारिक क्रांति है. न सरकार से अपेक्षा, न कोई कहना, न कोई मांग, न विरोध- केवल और केवल हिंदुओं की एकता के लिए हम हिंदुओं से भिक्षा मांगेंगे.

बाबा बागेश्वर ने कहा, ‘मुसलमानों के खिलाफ नहीं, हिंदुओं के समर्थन में पदयात्रा है. देश में राष्ट्रवाद चाहिए, जातिवाद नहीं. हमारे हिंदू बच्चे और आपके बच्चे सुरक्षित रहें, देश का इस्लामीकरण न हो. देश में दंगे न हों, गंगा फैले इसलिए हम यह पदयात्रा कर रहे हैं. हम हिंदुओं के लिए लड़ रहे हैं. जातियां हो सकती हैं, लेकिन जातिवाद नहीं होना चाहिए. देश सबका है. यह हर उस पार्टी की पदयात्रा है, जिसमें हिंदू हैं इसलिए हमने सबको न्योता दिया है. अगर देश में जातियों की लड़ाई खत्म हो जाए तो हिंदू एक हो जाएंगे.





