अमेरिका में स्थित 12 गैंगस्टरों की सूची, वॉशिंगटन के साथ साझा करने की तैयारी
हाल ही में, भारत के गृह मंत्रालय (MHA) ने सुरक्षा एजेंसियों को अमेरिका में रह रहे 12 गैंगस्टरों की एक सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। इस सूची में नामी अपराधियों जैसे अनमोल बिश्नोई और गोल्डी ब्रार शामिल हैं। इस सूची को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी अमेरिका यात्रा के दौरान अमेरिकी अधिकारियों के साथ साझा किया जा सकता है, जो उनका डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद पहला दौरा होगा।

भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने पहले भी भगोड़े अपराधियों की सूची तैयार की थी, लेकिन यह नया निर्देश खासतौर पर अमेरिका में सक्रिय गैंगस्टरों को लक्षित करता है। इस सूची में शामिल प्रत्येक अपराधी के खिलाफ उनके आपराधिक रिकॉर्ड और भारत में वापस लाने के लिए भारतीय एजेंसियों की कोशिशों की जानकारी दी गई है।
सूची में शामिल प्रमुख अपराधी
इस सूची में नामित अपराधी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं, जिनमें हत्या, रंगदारी, नशीले पदार्थों की तस्करी, और हथियारों की तस्करी शामिल हैं। सूची में शामिल प्रमुख नामों में शामिल हैं:
- अनमोल बिश्नोई: यह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई है, जिसे नवंबर 2024 में अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था। उसे फर्जी दस्तावेजों के साथ यात्रा करते हुए पकड़ा गया था। अनमोल बिश्नोई पर महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्धीकी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
- गोल्डी ब्रार: भारत सरकार द्वारा अवैध गतिविधियों के लिए आतंकवादी घोषित किए गए ब्रार पर पंजाबी गायक सिद्धू मूसवाला की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। 2017 में कनाडा छात्र वीजा पर गया था और बाद में कैलिफोर्निया में बस गया।
- दारमंजोत सिंह काहलोन: गोल्डी ब्रार का करीबी सहयोगी काहलोन हत्या से पहले मूसवाला का रैकी करने और हथियारों की तस्करी में शामिल था।
इसके अतिरिक्त, अमृतपाल सिंह, हरजोत सिंह, और नवरोप सिंह जैसे गैंगस्टर भी इस सूची में शामिल हैं, जो नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त हैं। इन अपराधियों के बारे में यह जानकारी भी है कि वे पाकिस्तानी तस्करों के साथ जुड़े हुए हैं, और अधिकतर सुरक्षित संचार के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग करते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और अपराधियों की गतिविधियाँ
भारतीय सुरक्षा एजेंसियाँ उम्मीद कर रही हैं कि इस सूची को अमेरिकी अधिकारियों के साथ साझा करने से दोनों देशों के बीच बेहतर सहयोग होगा, जो अंततः इन अपराधियों को भारत प्रत्यर्पित करने में मदद कर सकता है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, ये गैंगस्टर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधों में लिप्त हैं, जैसे कि सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी, हथियारों की तस्करी और पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता।
इन गैंगस्टरों का अधिकांश समय पाकिस्तानी नेटवर्क के साथ जुड़ा रहता है, जो बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी को भारत में भेजने के लिए जिम्मेदार हैं। वे ड्रोन और समुद्री मार्गों का उपयोग करते हैं, जिससे उनके अपराधों का पता लगाना और उन्हें ट्रैक करना अधिक कठिन हो जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा का संदर्भ
यह कदम प्रधानमंत्री मोदी की व्यापक कूटनीतिक कोशिशों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है, खासकर उन संगठित अपराधियों के खिलाफ जो सीमा पार गतिविधियाँ करते हैं। डोनाल्ड ट्रंप के ओवल ऑफिस में वापसी के साथ, यह कदम रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह ऐसे आपराधिक नेटवर्क्स का मुकाबला करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हो सकता है, जो विशेष रूप से नशीले पदार्थों और हथियारों के व्यापार से जुड़े हैं।
जैसे ही अमेरिका में स्थित 12 गैंगस्टरों की सूची तैयार हो रही है, भारतीय सुरक्षा एजेंसियाँ अमेरिकी अधिकारियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रही हैं। यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो वैश्विक स्तर पर अपराधियों के नेटवर्क को समाप्त करने की दिशा में लिया गया है। इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से भारत को इन अपराधियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने में मदद मिल सकती है, जो भारत और अन्य देशों में अपराधों के लिए जिम्मेदार हैं।
भारत और अमेरिका के बीच इस तरह के सहयोग से दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियाँ आपसी सहयोग से ऐसे अपराधियों को पकड़ने और न्याय दिलाने में सफलता प्राप्त कर सकती हैं।
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