BY
Yoganand Shrivastava
West Bengal TMC Rebellion बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पिछले महीने के अंत में टीएमसी के सभी आधिकारिक पदों से त्यागपत्र दे दिया था। अब उन्होंने बगावत का झंडा बुलंद करते हुए साफ कर दिया है कि बागी गुट ने केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने का मन बना लिया है। काकोली घोष ने दावा किया है कि उन्हें टीएमसी के करीब 19 सांसदों का खुला समर्थन प्राप्त है।

कानूनी समीकरण: दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) की कार्रवाई से बचने के लिए बागियों को लोकसभा में टीएमसी के कुल 28 सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई (2/3) यानी 19 सांसदों की जरूरत होगी। काकोली घोष का दावा यदि सही साबित होता है, तो वे बिना सदस्यता गंवाए नई तकनीकी इकाई बना सकती हैं।
West Bengal TMC Rebellion दिल्ली में बैठकों का दौर: एक तरफ ‘INDIA’ की बैठक, दूसरी तरफ ‘ऑपरेशन लोटस’ की हलचल
West Bengal TMC Rebellion सोमवार को जब एक तरफ ममता बनर्जी दिल्ली में विपक्षी ‘INDIA’ गठबंधन की बैठक में हिस्सा ले रही थीं, वहीं उससे महज तीन किलोमीटर दूर टीएमसी के बागी सांसदों की समानांतर बैठकें चल रही थीं:
- पहली बैठक: काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में बागी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के बंगाल चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव के आवास पर करीब दो घंटे तक गहन मंथन किया। इस बैठक में बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे।
- दूसरी बैठक: इसी गुट ने शाम को बीरभूम से चार बार की सांसद शताब्दी रॉय के घर पर दोबारा बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की। इससे पहले सोमवार को ही टीएमसी के 14 सांसदों ने सामूहिक रूप से मुलाकात की थी।
इसके साथ ही, टीएमसी के एक और प्रमुख मुस्लिम राज्यसभा सांसद नदीमुल हक़ के भी बीजेपी के संपर्क में होने की खबरें तेज हैं। इससे कुछ ही घंटों पहले सीनियर नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी में “बेहिसाब भ्रष्टाचार” का आरोप लगाते हुए राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था।

West Bengal TMC Rebellion कीर्ति आजाद का पलटवार: “अमित शाह और ऑपरेशन लोटस पूरी तरह फेल”
बागी गुट के दावों और राजनीतिक हलचल के बीच टीएमसी के वफादार नेता और पूर्व सांसद कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर तीखा तंज कसते हुए इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने पार्टी का पक्ष रखते हुए मुख्य बातें कहीं:
- फर्जी सूची का आरोप: कीर्ति आजाद ने कहा कि मीडिया में जो सूची तैर रही है, वह पूरी तरह मनगढ़ंत है और इसे बीजेपी के ‘टूलकिट’ द्वारा तैयार किया गया है।
- सांसदों का इनकार: उन्होंने दावा किया कि सूची में शामिल कम से कम छह सांसदों ने साफ कर दिया है कि उन्होंने किसी भी बागी दस्तावेज या कागज पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
- बीजेपी पर तंज: आजाद ने लिखा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी का ‘ऑपरेशन लोटस’ पश्चिम बंगाल में बुरी तरह नाकाम साबित हुआ है और टीएमसी एकजुट है।
मौजूदा राजनीतिक स्थिति: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी के लिए दिल्ली से लेकर कोलकाता तक अपने कुनबे को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। यदि बागी धड़ा 19 का आंकड़ा छू लेता है, तो यह संसद में टीएमसी के लिए अब तक का सबसे बड़ा राष्ट्रीय झटका होगा।





